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संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज के विचारों में समाहित है समरस समाज का सपना-जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य

KAUSHAMBI NEWS: विधानसभा सिराथू के सांगठनिक मण्डल कड़ा के निधियावां और थुलगुला में संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा चलाए जा रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य सहित पार्टी कार्यकताओं ने कलश पूजन कर किया भव्य स्वागत। कलश रथ यात्रा का पूजन कर स्वागत करते हुए जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने रविदास जी महाराज के जीवन के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज से जुड़ी एक कहावत है कहा जाता है कि भक्त रविदास के गांव से एक अति विद्वान भक्त गंगा स्नान के लिए जा रहे थे उन्होंने भक्त रविदास के घर के सामने से निकलते हुए कहा कि मैं गंगा स्नान के लिए जा रहा हूं,इस पर भक्त रैदास ने एक दमड़ी (पैसा)उन्हें दी और कहा,मेरी तरफ से गंगा मैया को अर्पित कर देना। उन महाशय ने गंगा स्नान करने के पश्चात पूरे विधि विधान से पूजा की तत्पश्चात उन्होंने संत रविदास की दी गई दमड़ी निकालकर गंगा माता के जल में फेंकी अचानक जल से स्वयं गंगा माता प्रकट हुई,उस दमड़ी को अपने हाथों में ग्रहण किया और एक रत्न जड़ित स्वर्ण कंगन उन्हें देकर कहा कि यह मेरे भक्त रविदास को दे देना। उन महाशय के मन में लालच आ गया कि इतना सुंदर कंगन यदि वे राज्य की महारानी को भेंट करेंगे तो राजा जी की कृपा उन पर आजीवन बरसेगी। वे कंगन लेकर दरबार में गए और उसे गंगा मैया द्वारा स्वयं को दिया गया कंगन बता कर महारानी के लिए राजा जी को भेंट कर दिया। महारानी को वह कंगन बहुत पसंद आया परंतु महारानी ने कहा कि अकेला कंगन नहीं पहनेंगी ऐसा ही एक और कंगन गंगा मैया के यहां से मंगवा कर दीजिए।महाराज ने उन महाशय को आदेश दिया कि वह गंगा माता से वैसा ही एक और कंगन महारानी के लिए लाएं।अब वे संकट में पड़ गये उन्हें लगा कि अब सच्चाई सामने आएगी और महाराज उन्हें दंडित करेंगे। वे भाग कर संत रविदास के पास गए पूरा किस्सा उन्हें कह सुनाया और उनसे सहायता की गुहार लगाई। संत रविदास मुस्कुराए,वे जूते गांठने का काम करते थे तो पास ही लकड़ी के एक बर्तन में पानी रहता था जिसे कठौती कहते हैं। संत रविदास ने गंगा माता का स्मरण किया कठौती के पानी में हाथ डाला और तुरंत वैसा ही एक कंगन निकालकर उन महाशय को दे दिया अर्थात भक्त रैदास की भक्ति में इतनी शक्ति थी कि गंगा मैया उनकी कठौती में ही प्रकट हो गई तभी से यह कहावत चली आ रही है कि मन चंगा तो कठौती में गंगा।ऐसी तमाम बातों को बताया इस मौके पर जिला महामंत्री व मण्डल प्रभारी कड़ा राकेश पाण्डेय,जगदीश सरोज,मण्डल अध्यक्ष प्रदीप कुमार पटेल,रोजगार सेवक संघ जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार शर्मा,राजबीर सिंह,मूलप्रकाश तिवारी,मण्डल महामंत्री अजय शुक्ला,अनिल कुमार,बब्लू सोनकर,आकाश भट्ट,शिवप्रताप मौर्य सहित सम्मानित पदाधिकारीगण,कार्यकर्तागण,श्रद्धालुजन उपस्थित रहें।