MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) परम संत बाबा जयगुरुदेव महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज महाराज के शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा का ग्यारहवां पड़ाव आज जिगना/छानबे (मीरजापुर) स्थित बदेवरानाथ में आयोजित हुआ। यहां हुए सत्संग समारोह में महाराज ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘गुरु पूजा में सबकी पूजा, गुरु समान कोई देव न दूजा।’’ उन्होंने बताया कि गुरु शरीर का नाम नहीं, बल्कि ज्ञान, बोध, शक्ति और पावर है। गुरु के बिना लोक-परलोक का ज्ञान संभव नहीं। जीवन में तीन गुरु होते हैं—माता-पिता, शिक्षा देने वाले और आध्यात्मिक गुरु। आध्यात्मिक गुरु जन्म-मरण और कर्म का बोध कराते हैं। उन्होंने कहा कि शरीर में दोनों आंखों के मध्य जीवात्मा विराजमान है, जहां प्रभु दर्शन हेतु दिव्य नेत्र और वेदवाणी सुनने हेतु दिव्य कान विद्यमान हैं, किंतु कर्मों की अशुद्धि से ये बंद हो गए हैं। गुरु द्वारा प्रदत्त अंजन से तीसरी आंख खुलती है और ऊपरी लोकों के दर्शन होते हैं। महाराज ने मांसाहार और नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि मांसाहार से अनेक जीवाणु-बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर बीमारियां उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने गुरु महाराज के संदेश को दोहराते हुए चेतावनी दी कि समय रहते चेतें, अन्यथा कुदरत सजा देने को तैयार है।समारोह में जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री एवं प्रवक्ता मोतीलाल सिंह, ग्राम प्रधान ओम प्रकाश उपाध्याय, एस.के. चौबे, रामखेलावन यादव, सतीश यादव, सर्वेश मौर्य, आजाद गुप्त तथा प्रयागराज से आए सुखराम यादव, बद्री प्रसाद, राजकुमार पाल, बब्बू प्रसाद प्रजापति आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव ग्राम निवास धाम (ब्लॉक छानबे) के लिए प्रस्थान कर गई। वहां कल प्रातः 11 बजे से सत्संग का आयोजन किया गया है।







