Home उत्तर प्रदेश शिवगढ़ी–धानखोला के समन्वित विकास की मांग तेज

शिवगढ़ी–धानखोला के समन्वित विकास की मांग तेज

महाशिवरात्रि पर दो दिवसीय मेला व 10वां सांस्कृतिक उत्सव संपन्न, जनप्रतिनिधियों ने जताई प्रतिबद्धता
SIDHARTHNAGAR NEWS:  भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले स्थित शिवराज नगरपालिका-1, धानखोला में महाशिवरात्रि के अवसर पर दो दिवसीय विशाल मेला एवं 10वां सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था और सामरिक महत्व से जुड़े शिवगढ़ी मंदिर में आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया, वहीं भारतीय श्रद्धालुओं एवं दुकानदारों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेपाल की नेशनल असेंबली की डिप्टी स्पीकर बिमला घिमिरे ने शिवगढ़ी के संरक्षण और पर्यटकीय विकास को अत्यावश्यक बताते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल शिवराज नगरपालिका ही नहीं, बल्कि पूरे कपिलवस्तु जिले का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र है, जिसके विकास के लिए केंद्र और प्रदेश स्तर पर समन्वित प्रयास अपरिहार्य हैं। लुम्बिनी प्रदेश सभा अध्यक्ष तुलाराम घर्ती तथा सांसद बलराम अधिकारी ने भी शिवगढ़ी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सामरिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि समुचित प्रचार-प्रसार और पहल के अभाव में यह स्थल अपेक्षित पहचान नहीं बना सका। प्रदेश सभा सदस्य अर्जुन केसी ने पुरातत्व विभाग की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिवगढ़ी मंदिर तक सुगम पहुंच के लिए धानखोला और रमवादह दोनों मार्गों का व्यवस्थित विकास आवश्यक है। शिवराज नपा के मेयर अजय थापा तथा बिजयनगर गापा के अध्यक्ष गोपाल बहादुर थापा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। मंदिर व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष दिनेश पुन ने शिवगढ़ी-धानखोला के विकास संबंधी ज्ञापन डिप्टी स्पीकर बिमला घिमिरे को सौंपा। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, मनमोहक प्रस्तुतियां और विशाल भंडारा आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार माधव बेल्वासे ने किया। समापन अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अजय प्रताप गुप्त, जयप्रकाश बंसल, धनंजय सिंह, पिंटू गोयल, चिंता परियार सहित अन्य विशिष्ट जनों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।