AMETHI NEWS: जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश द्वारा आयोजित शिक्षा एवं ग्राम विकास की एक दिवसीय क्षेत्रीय बैठक जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश के कार्यालय ग्रामभारती परतोष में संपन्न हुई। मुख्य अतिथि पूर्व क्षेत्रीय मंत्री उत्तर प्रदेश एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से बैठक शुरू हुई। जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष गोविंद सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि का अंग वस्त्र एवं बैज लगा कर स्वागत किया। कार्यक्रम में चारों प्रांत ( काशी,अवध,गोरक्ष, कानपुर) के नगरीय एवं ग्रामीण संयोजक उपस्थित रहे। क्षेत्रीय संयोजक एवं प्रदेश निरीक्षक राज बहादुर दीक्षित ने कार्यक्रम की शुरुआत की। क्षेत्रीय संयोजक ने बताया कि भारत गांवों का देश है, गांव का विकास होगा तभी भारत विकसित होगा। ग्राम विकास की अवधारणा के छः आयाम साक्षरता,संस्कृति ,स्वास्थ्य/ स्वच्छता , समरसता,स्वदेशी और स्वावलंबन बताया। क्षेत्रीय मंत्री ने कहा *मेरा गांव मेरा तीर्थ* गांव के सभी लोग कहीं भी, किसी भी शहर में रह रहे हों उनमें यह भाव जागृत करना है कि त्योहारों के अवसर पर अपने गांव में अवश्य आएं। गांव के विकास के लिए क्षेत्र,प्रांत, संकुल, जिला एवं विद्यालय स्तर पर 9 लोगों की टोली बनाई जाए। जिसमें एक संयोजक, एक सह संयोजक, छःआयाम प्रमुख और एक समाज का कार्यकर्ता हो। ग्रामीण जनता को शिक्षित करने के लिए विद्यालय से जोड़ना, युवा को कौशल के प्रति बढ़ावा देना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, महिलाओं और बच्चों को कार्य से जोड़ना, कृषि पशुपालन कुटीर उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गांव की जनसंख्या का सर्वे करना, कौशल का स्तर, शिक्षा के स्तर की जानकारी करना, गांव में किस चीज की आवश्यकता है उसकी जानकारी करना, पिछड़े गरीब लोगों का आकलन करना, गांव में शिक्षा केंद्र की स्थापना करना। गांव में एक सार्वजनिक स्थल हो जहां गांव के सहयोग से अखबार मंगाना, पुस्तक रखना, युवा का नेतृत्व खड़ा करना, राष्ट्रीय खेल को बढ़ावा देना, सहभोज के माध्यम से समरसता उत्पन्न करना, यह हमारी टीम की विशेषताएं रहेंगी।







