Home उत्तर प्रदेश शिक्षक आनंद कुमार मिश्र को राज्य अध्यापक पुरस्कार

शिक्षक आनंद कुमार मिश्र को राज्य अध्यापक पुरस्कार

सरकारी स्कूल में अपने बेटे का कराया दाखिला, बदल दी विद्यालय की तस्वीर
FATEHPUR NEWS: ऐरायां विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर में सहायक अध्यापक आनंद कुमार मिश्र को प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण और मानवीय सरोकारों के लिए प्रतिष्ठित राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। करीब 16 वर्षों के अध्यापन कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के एक उपेक्षित विद्यालय की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2018 में विद्यालय का कार्यभार संभालने के समय यहां महज 67 विद्यार्थी नामांकित थे। ग्रामीणों का परिषदीय विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़ाने के लिए आनंद मिश्र ने अपने स्वयं के बेटे का दाखिला भी इसी सरकारी विद्यालय में कराया। उनके इस कदम का असर हुआ और अगले शैक्षणिक सत्र में कक्षा एक में 96 नए बच्चों ने प्रवेश लिया। धीरे-धीरे विद्यालय की छात्र संख्या बढ़कर 238 तक पहुंच गई और आसपास के गांवों के बच्चे भी यहां पढ़ने आने लगे। शिक्षक आनंद मिश्र ने शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देते हुए 1 जनवरी 2019 से बायोमीट्रिक उपस्थिति लागू की। कक्षा पांच की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक ‘प्रकृति’ के पाठों को क्यूआर कोड से जोड़कर बच्चों को डिजिटल माध्यम से अध्ययन का अवसर दिया। कोरोना काल में उन्होंने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए बाल कहानी संग्रह ‘बोलता बचपन’ तैयार कराया, जिसका विमोचन राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया था। शिक्षण के साथ मानवीय सरोकारों में भी आनंद मिश्र आगे रहे। कक्षा पांच की ब्लड कैंसर पीड़ित छात्रा मेघना मुकेश के इलाज के लिए अभियान चलाकर सिविल सोसाइटी से 6.5 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई गई। शोध एवं लेखन के क्षेत्र में भी उनकी पहचान बनी है। ड्रॉपआउट अभिभावकों से संबंधित उनके दो शोध पत्र एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित किए गए हैं, जबकि प्राथमिक शिक्षा में उच्चारण शक्ति से संबंधित उनका नवाचार अंतरराष्ट्रीय शोध जर्नल ‘सेज’ में प्रकाशित हुआ है। राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलने से ऐरायां विकासखंड और पूरे फतेहपुर जनपद में खुशी का माहौल है। आनंद कुमार मिश्र की उपलब्धि ग्रामीण शिक्षा में नवाचार, समर्पण और संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई है। इतना ही नहीं शिक्षक आनंद मिश्र पत्रकारिता जगत में अपनी लेखनी का सदुपयोग करते हुए विभिन्न मुद्दों पर लेखन का कार्य भी बखूबी करते हैं।