KUSHINAGAR NEWS: अवध शुगर मिल ढाढ़ा परिक्षेत्र में शरदकालीन गन्ने की वैज्ञानिक खेती के प्रति कृषकों को जागरूक करने, गन्ने के साथ सहफसली खेती, गन्ने की खेती में मशीनीकरण के माध्यम से लेबर पर आने वाले खर्च में कमी करने एवं रोग नियंत्रण आदि विषयों पर चर्चा की।चीनी मिल द्वारा गन्ना विकास के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देने के लिए अधिशाषी अध्यक्ष करण सिंह के मार्गदर्शन में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है जिसका मूल उद्देश्य है गन्ने का औसत उपज बढ़ाना, गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाना किसानों में खुशहाली लाना है।इसी क्रम में ग्राम बरसैना एवं बढ़या बुजुर्ग में ढाढ़ा चीनी मिल द्वारा शरदकालीन गन्ना विकास गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका संचालन सहायक अध्यक्ष (गन्ना) मनोज कुमार बिश्नोई ने किया।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के पूर्व सहायक निर्देशक ओमप्रकाश गुप्ता ने कृषकों को बताया कि गन्ना फसल गिर जाने से 15 से 20 प्रतिशत उपज कम हो जाती है गिरे गन्ना काटने, छीलने, लादने में खर्च बढ़ जाता है कठिनाइयां होती है गिरे हुए गन्ने के गाँठो से जड़ें निकल जाती हैं अंकुरित होने लगती है, जिससे गन्ने की पैदावार प्रभावित हो जाती है l गिरे गन्ने में सियार, चूहा द्वारा नुकसान होने लगता हैl इस समय गन्ना फसल को गिरने से बचाने के लिए बधाई करें। शरदकालीन गन्ना बुवाई से लाभ एवं सहफसली खेती का फोटोग्राफ दिखाकर समझाया गया।ढाढ़ा चीनी मिल के अधिशाषी उपाध्यक्ष (गन्ना) रविन्द्र सिंह ने बताया कि अधिक क्षेत्र में गन्ना की बुवाई करें जब गन्ना होगा तभी विकास होगी। चीनी मिल द्वारा इक्षुक कृषकों को अधिक उपज देने वाली प्रजातियां जैसे कोo-0118 कोओ- 15023 कोoशाo 18231 कोo लखo 16202 आदि का बीज शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।ऑटोमेटिक केन प्लांटर से बुवाई कराई जाएगी, सरसों का बीज अनुदान पर दिया जाएगा। गन्ना कटाई, छिलाई, बुवाई, गुड़ाई आदि यंत्रो का वितरण अनुदान पर ऐसे कृषकों को दिया जा रहा है। जो अन्य कृषकों के खेतों पर भी जा कर काम कर सकें। चीनी मिल के अधिशाषी अध्यक्ष करण सिंह के अनुसार गन्ना बंधाई करने के लिए मजदूर चीनी मिल में उपलब्ध है अपने क्षेत्र के संबंधित चीनी मिल के गन्ना अधिकारी से संपर्क कर लेबर लेकर गन्ने की बधाई कराये।
30 किलोमीटर परिक्षेत्र में गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाना हमारा पहली प्राथमिकता है। सहायक उपाध्यक्ष (गन्ना) मनोज कुमार बिश्नोई ने बताया कि इन गांव में – बरसैना, बढ़या बुजुर्ग, पटनी, डुमरी अखलास, छिलौना, सोनिया, अभिनायकपुर, चिउराहा, धरमौल, शांकापार, मुसहरी, बंसहिया, आदि गांव में गन्ना खेती से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है प्रत्येक गांव के प्रत्येक कृषकों तक चीनी मिल की विकास योजनाएं खेतों पर दिखाई देगी।







