ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व शांति भवन में आयोजित किया गया आंतरिक शक्ति से वैश्विक व्यापार कार्यक्रम
BHADOHI NEWS: नगर के रजपुरा चैराहे पर स्थित ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व शांति भवन में शनिवार को श्आंतरिक शक्ति से वैश्विक व्यापारश् कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से कालीन निर्यातकों के लिए था। जिसका शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ। राजस्थान के माउंट आबू से पधारी राजयोगिनी उषा दीदी ने निर्यातकों को वैश्विक व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस दौरान उषा दीदी ने बताया कि व्यापार में सफलता के लिए पांच नकारात्मक तत्वों से सावधान रहना आवश्यक है। इनमें गलत समझ, श्रीमान संदेश, मास्टर ईष्र्या, मास्टर शत्रुता और टांग खींचना शामिल हैं, जो अक्सर एक साथ आते हैं। उन्होंने एक व्यावहारिक कार्यशाला के माध्यम से सभी को प्रेरित किया और इन नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचने के तरीके बताए। उन्होंने जोर दिया कि व्यापार का आधार सही निर्णय है। चुनौतियों के क्षणिक समय में ही त्वरित निर्णय लेना पड़ता है। जिससे सफलता के द्वार खुलते हैं। यदि सही समय पर निर्णय नहीं लिया जाता तो अवसर हाथ से निकल जाते हैं। सफलता के लिए मजबूत आधार आवश्यक है। क्रोध, छल, कपट, ईष्र्या और द्वेष को आधार बनाने से असफलता निश्चित है। उषा दीदी ने स्पष्ट किया कि आंतरिक शक्ति मूल्यों से प्राप्त होती है और ये मूल्य ध्यान (मेडिटेशन) से मिलते हैं। एक शांत मन और स्पष्ट बुद्धि जितनी अधिक होगी। सफलता की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने वेल्यूज सिस्टम को ठीक करने पर जोर दिया। जिससे आत्मविश्वास का स्तर बढ़ता है। नकारात्मकता ऊर्जा को खत्म करती है। जबकि सकारात्मकता ऊर्जा को बढ़ाती है। इससे पहले भदोही सेवाकेंद्र प्रभारी दीदी बीके विजयलक्ष्मी ने उषा दीदी का तिलक लगाकर और गुलदस्ते के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात राशि राठी ने नृत्य के साथ सभी कालीन निर्यातकों का स्वागत किया। दीदी बीके विजयलक्ष्मी ने उपस्थित लोगों को भाग्यशाली बताते हुए उषा दीदी की बहुमुखी प्रतिभा की सराहना की और उन्हें श्गीता का सार जीवन का आधारश् कार्यक्रम में अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस मौके पर एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल, वरिष्ठ कालीन निर्यातक यादवेंद्र राय काका, प्रमोद बरनवाल, ललित बरनवाल, अमर हर्ष, पूनम मौर्य, प्रियंका जायसवाल, केवल कृष्ण मित्तल, प्रकाश चंद्र जायसवाल, सीए एके ठुकराल सहित सैकड़ों की संख्या में कालीन निर्यातक मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन बीके ब्रजेश भाई ने किया।







