JHANSI NEWS: मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के यूरोलॉजी विभाग में प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता अभियान प्रोफेसर डॉ० मयंक सिंह, प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में चलाया गया।
जिसमें महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ० मनीष जैन ने बताया कि संपूर्ण विश्व में 1 सितंबर से 30 सितम्बर तक प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह का आयोजन होता है। वर्ष 2025 में शून्य प्रोस्टेट कैंसर थीम निर्धारित है। प्रत्येक वर्ष विश्व भर प्रोस्टेट कैंसर से काल – कवलित हो जाते हैं। प्रोस्टेट कैंसर की जाँच एवं इलाज़ वैसे तो पूरे वर्ष भर चलती रहती है। परन्तु सितंबर माह में विशेष जांच शिविरों का आयोजन पूरे देश में यूरोलॉजी विभागों द्वारा किया जाता है। वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ० मनीष जैन ने बताया, कि प्रोस्टेट की सभी बीमारियों के प्रति यौन अवस्था से लेकर प्रौढ़ अवस्था तक हर पुरुष को पौरूष ग्रन्थि के बारे मे ज्ञान स्वस्थ जीवन के लिए होना अत्यन्त आवश्यक है। प्रोस्टेट से सम्बन्धित बीमारियां सामान्य जीवन में भी उम्र के साथ लगभग आधे पुरुषों की आबादी को प्रभावित करती हैं बीमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
यदि उम्र के साथ प्रोस्टेट ग्रन्थि बढ़ जाने से पेशाब के रास्ते में रुकावट की समस्या होने लगे, तो उसके लिए प्रारंभिक रूप से दवाईयां एवं बाद में अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा से इलाज संभव है। कुछ बढ़ी प्रोस्टेट ग्रंथियों में प्रोस्टेट के कैंसर होने की संभावना रहती है। प्रोस्टेट के कैंसर का प्रथम चरण में ही पता लगाने के लिए साधारण रुप से मौजूद जांचे एवं शारीरिक परीक्षण किया जाता है। पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर विश्व में होने वाले सभी कैंसरों में दूसरे स्थान पर है।
बुंदेलखंड की जनता के लिए पूरे वर्ष यूरोलॉजी की सभी बीमारियों के लिए मेडिकल कालेज के यूरोलॉजी विभाग में लगातार सेवाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम को डॉ० नीरज बनोरिया, डॉ० सुधीर कुमार, डॉ० रामबाबू आदि ने भी संबोधित किया। प्रधानाचार्य डॉ० मयंक सिंह ने कहा, कि यूरोलॉजी विभाग में प्रदेश एवं केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध सुविधाओं का मरीजों को लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ० प्रदीप श्रीवास्तव ने किया, एवं आभार डॉ० सचिन माहुर ने प्रकट किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में, डॉ० रजत जैन, डॉ० अरविन्द कनकने, डॉ० जकी सिद्दकी, डॉ० दिनेश शुक्ला, डॉ संदीप पटेल, डॉ अम्बर गुप्ता, डॉ अर्पित अग्रवाल, डॉ० नित्या श्री, डॉ० संजीव गुप्ता, डॉ प्रतीक, डॉ सत्यम, निक्की साहू, मिलन ठाकुर, सिस्टर राजकुमारी, सिस्टर राखी, सिस्टर गीता, देवेन्द्र प्रजापति, नीरज दुबे, अनिल श्रीवास, नसीम, अनिल रजक, देवेन्द्र, गौतम आदि का सराहनीय योगदान रहा।







