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विजय दिवस पर 1971 युद्ध के शहीदों को पूर्व सैनिकों ने किया नमन

भारत ने युद्ध में पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर किया मजबूर:विद्याभूषण तिवारी
FATEHPUR NEWS: जहानाबाद कस्बे में पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति के तत्वावधान में विजय दिवस के अवसर पर 1971 के भारत–पाक युद्ध में शहीद हुए जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूर्व सैनिकों ने शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। सोमवार को साढ़ रोड स्थित सुनील यादव के आवास पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के जिलाध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी, महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी एवं थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुई, इसके बाद शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने 1971 के युद्ध की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा पूर्वी पाकिस्तान में किए गए अत्याचारों के बाद भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। पाकिस्तान द्वारा 2 दिसंबर 1971 को भारत पर आक्रमण किए जाने के बाद हुए भीषण युद्ध में 16 दिसंबर 1971 को 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया, जिससे बांग्लादेश का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि यह युद्ध भारत की सैन्य शक्ति और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक है। वहीं महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने कहा कि देश युद्ध में तो जीतता है, लेकिन कई बार राजनीतिक स्तर पर जीत को कमजोर कर दिया जाता है। उन्होंने शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान कानपुर नगर के बरीपाल कस्बे से आए कलाकारों ने देशभक्ति गीत और भजन प्रस्तुत कर माहौल को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। इस मौके पर सूबेदार मेजर राजेश शुक्ला, थाना प्रभारी धीरेंद्र ठाकुर, समिति के नगर अध्यक्ष रामकेश यादव, गंगाराम सविता, इंदल कुमार कुशवाहा, रज्जन सिंह, शिव प्रसाद सविता, रामकुमार यादव, जितेंद्र सिंह, कैलाश बाबू वर्मा, बलराम सिंह, अर्जुन सिंह, शिव गोपाल तिवारी, अनवर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
1971 युद्ध में शामिल पूर्व सैनिक सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिक कमल दीक्षित एवं जवाद हुसैन को समिति द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर दोनों पूर्व सैनिकों ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाने पर बल दिया।