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लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं, भाजपा सरकार अभिव्यक्ति की आजादी का कर रही दमन : महेश द्विवेदी

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सोनम वांगचुक प्रकरण को बताया ‘अघोषित आपातकाल’ की झलक
कांग्रेस नेता ने शिक्षा, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सरकार को घेरा
FATEHPUR NEWS: कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने तथा शिक्षा और युवाओं के भविष्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जहां सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। महेश द्विवेदी ने कहा कि आज देश का आम नागरिक अपनी वैचारिक सोच और असहमति को सार्वजनिक रूप से रखने से डरने लगा है। उनका आरोप था कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की नीतियों के चलते लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और देश का लोकतांत्रिक ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक के साथ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे व्यक्ति के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का संवैधानिक अधिकार होता है, लेकिन सरकार असहमति को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक शक्ति का उपयोग कर रही है। महेश द्विवेदी ने कहा कि देश की सेना और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सोनम वांगचुक की मांगों को गंभीरता से सुनने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल ले जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रश्न नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अपने शरीर और अपने विचारों पर अधिकार से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि आज शांतिपूर्ण विरोध को भी अपराध की तरह देखा जा रहा है। सरकार असहमति को संवाद के माध्यम से दूर करने के बजाय प्रशासनिक दबाव और कार्रवाई के जरिए खत्म करना चाहती है। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शिक्षा के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में देश के करोड़ों विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य कहीं दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया जा रहा है, जिससे युवाओं के सामने रोजगार का संकट और गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में देश के भविष्य की चिंता करती तो शिक्षा, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देती, लेकिन वर्तमान नीतियों से ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार इन मूलभूत मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं की निराशा इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। महेश द्विवेदी ने कहा कि देश की जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा के अधिकार और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।