Home उत्तर प्रदेश लोकतंत्र को कमज़ोर करेगा 130वां संशोधन:अबुबकर चौधरी

लोकतंत्र को कमज़ोर करेगा 130वां संशोधन:अबुबकर चौधरी

SAHARANPUR NEWS: नकुड़ विधानसभा समाजवादी पार्टी के संगठन प्रभारी अबुबकर चौधरी ने कहा कि 130वें संविधान संशोधन की सबसे बड़ी कमी यह है कि इसका गलत इस्तेमाल बहुत आसानी से हो सकता है। इस कानून के तहत अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री किसी गंभीर अपराध में 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसका पद चला जाएगा। दिक्कत यह है कि भारत की राजनीति में अक्सर विरोधियों पर झूठे केस लगाए जाते हैं।ऐसे में किसी भी नेता को फँसाकर उसका पद छीनना बहुत आसान हो जाएगा।नकुड़ विधानसभा प्रभारी अबुबकर चौधरी ने आगे कहा कि दूसरी बड़ी दिक्कत यह है कि“गंभीर अपराध”की परिभाषा साफ नहीं है। सरकार चाहे तो किसी भी मामूली केस को भी गंभीर बता सकती है।इसका मतलब यह हुआ कि यह कानून न्याय होने से पहले ही सज़ा देने जैसा होगा।इससे केंद्र सरकार की ताकत बहुत बढ़ जाएगी।खासकर विपक्षी राज्यों में इस कानून का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर दबाव बनाया जा सकता है। इससे राज्यों की सरकारें बार-बार गिर सकती हैं और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी।कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह कानून लोकतंत्र के खिलाफ है।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने इसे“ब्लैक बिल” कहा है क्योंकि इससे विपक्षी सरकारों को कमजोर करना आसान हो जाएगा। दिल्ली जैसे केंद्रशासित राज्यों पर इसका असर और भी ज़्यादा होगा, जिससे केंद्र और राज्य के बीच टकराव बढ़ सकता है।सीधी बात यह है कि अगर यह कानून लागू हुआ, तो सत्ता में बैठे लोग इसका फायदा उठाकर विरोधियों को हटाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।इससे लोकतंत्र, राज्यों की स्वतंत्रता और शासन की स्थिरता पर खतरा पैदा हो जाएगा।