MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय) एक लापरवाही होती है, एक लापरवाही की हद होती है। जनपद के स्वास्थ्य महकमे में हद ही हो गई है।अनदेखी व लापरवाही के चलते जिगना क्षेत्र के एकमात्र हेल्थ ए. टी. एम मशीन पर जनता की खून पसीने की कमाई से लाखों रुपया खर्च हुआ। किन्तु जिम्मेदारों की लापरवाही से उसके तार चूहों ने कुतर दिया है।जिससे मशीन बेकार पड़ी जिसका कोई लाभ गांवों और मरीजों को नहीं मिल रहा है।लगता है अब स्वास्थ्य विभाग चूहे पकड़ने और मारने का ठेका देगा। बाद में चूहे मारने व पकड़ने में कितने का घपला घोटाला हुआ उसकी जांच भी बैठाएगा। जांच में खुलकर सामने आएगा कि ठेका ऐसे गलत ठेकेदारों को दे दिया गया था जो चूहे मारने, पकड़ने की उनके पास कोई डिग्री डिप्लोमा था ही नहीं, वे अनुभव हीन थे । जांच आगे बढ़ेगी। कितना निराला है स्वास्थ्य विभाग का खेल। वहां के प्रभारी चिकित्सीयाधिकारी डॉक्टर पुनीत अग्रवाल का गैरजिम्मेदाराना बयान सुनकर आप खुद समझ जाएंगे कि स्वास्थ्य जिम्मेदारी के प्रति कितना मुस्तैद है? जिगना क्षेत्र अंतर्गत सर्रोंई गाँव स्थित एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सर्रोंई में हेल्थ एटीएम मशीन लगी हुई है। किंतु डेढ़ साल पहले सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने समारोहपूर्वक फीता काटकर इसक उदघाटन किया था। तब उम्मीद जगी थी कि अब हेल्थ एटीएम मशीन की सुविधा मिलेगी। ग्राम प्रधान संतोष तिवारी ने बताया कि दो महीने बाद ही इसकी उपयोगिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया। मरम्मत नहीं कराए जाने से शो पीस बनी हुई है। वहीं पीएचसी सर्रोंई के बरिष्ठ चिकित्सक रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि दो माह पहले नई दिल्ली से आए इंजीनियरों ने मशीन की मरम्मत कर चालू करा दिया था। किंतु तीन दिन बाद फिर से मशीन निस्प्रयोज्य हो गई। जबकि क्षेत्र के नरोइयां, विजयपुर, अकोढ़ी, बिरौरा गावों में स्थित अतिरिक्त पीएचसी में एटीएम हेल्थ मशीन नहीं लगाई गई है। जबकि प्रभारी चिकित्साधिकारी डा० पुनीत अग्रवाल ने बताया कि मशीन का तार चूहे कुतर देते हैं। इससे मशीन बंद पड़ी है।







