राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में किया गया, जिसका शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश श्रीमती कमलेश कच्छल द्वारा सरस्वती माँ की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर शरद कुमार चौधरी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी सहित अन्य न्यायिक एवं बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकृति के कुल 2,57,610 वादों का निस्तारण कर झांसी ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इनमें 247 वैवाहिक प्रकरण, 148 अन्य सिविल वाद, 9,246 अन्य वाद तथा 8,507 शमनीय आपराधिक वाद सम्मिलित रहे। शमनीय आपराधिक वादों के निस्तारण के उपरान्त ₹11.96 करोड़ से अधिक की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूल की गई। इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न राजस्व एवं दाण्डिक न्यायालयों द्वारा 249 राजस्व वाद, 1,343 आपराधिक वाद, 9,624 विद्युत उपभोक्ता वाद, 38 श्रम विवाद तथा 75,728 जनहित गारंटी अधिनियम से सम्बन्धित वादों का निस्तारण किया गया। बैंक ऋण एवं मोबाइल बिल से सम्बन्धित मामलों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई, जहाँ ₹8.19 करोड़ से अधिक की धनराशि से जुड़े 1,309 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों द्वारा आपसी सुलह-समझौते के आधार पर बड़ी संख्या में मामलों का समाधान किया गया, जिससे आम जन को शीघ्र न्याय मिला और न्यायालयों पर लंबित मामलों का भार कम हुआ। अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी शरद कुमार चौधरी ने जनपदवासियों, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं सभी सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही राष्ट्रीय लोक अदालत को यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हो सकी है।





