FATEHPUR NEWS: उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जनपद फतेहपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। इस लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुधीर कुमार ने दीवानी न्यायालय परिसर स्थित मीटिंग हॉल में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे। सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पलाश गांगुली ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत का आयोजन केवल मुख्य न्यायालय परिसर तक सीमित न रहकर ग्राम न्यायालय बिंदकी, वाह्य न्यायालय खागा, तहसील सदर, खागा, बिंदकी, कलेक्ट्रेट परिसर, सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत कार्यालयों, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, दूरसंचार कार्यालय तथा जनपद के समस्त बैंकिंग संस्थानों में भी किया गया। वादकारियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थलों पर हेल्पडेस्क स्थापित कर उन्हें मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया। जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए, जिससे न केवल लंबित वादों में कमी आए बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द भी बना रहे। इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों का बड़े पैमाने पर निस्तारण किया गया। मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण द्वारा 69 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 4 करोड़ 78 लाख रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 53 वैवाहिक वादों का आपसी सहमति से निपटारा कराया गया, जिससे कई परिवारों को राहत मिली। दाण्डिक मामलों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों द्वारा हजारों मामलों का निस्तारण करते हुए बड़ी मात्रा में अर्थदंड जमा कराया गया। विभिन्न अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालयों, विशेष न्यायालयों एवं सिविल न्यायालयों द्वारा भी सैकड़ों मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व न्यायालयों द्वारा 6680 वादों का निस्तारण किया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा 1126 प्रकरणों का समाधान करते हुए लगभग 2.68 लाख रुपये की वसूली की गई। बैंकिंग संस्थानों ने 665 मामलों में करीब 7.54 करोड़ रुपये की वसूली की। विद्युत विभाग ने 851 मामलों का निस्तारण कर लगभग 9.43 लाख रुपये वसूले, जबकि श्रम विभाग ने 384 मामलों का समाधान करते हुए लगभग 42.36 लाख रुपये अर्थदंड के रूप में जमा कराए। कुल मिलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,74,303 वादों का निस्तारण करते हुए 13 करोड़ 94 लाख 64 हजार 185 रुपये की वसूली/अर्थदंड सुनिश्चित किया गया, जो जनपद में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत मोहम्मद इलियास तथा सचिव पलाश गांगुली ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए लोक अदालत को सफल बनाने में उनके सहयोग की सराहना की।







