चिकित्सक ने कृमि संक्रमण से बचाव की दी जानकारी, प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र ने स्वच्छता को दिनचर्या में शामिल करने का किया आह्वान
KAUSHAMBI NEWS: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को विकासखंड कड़ा के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा से पहुंचे चिकित्सक डा. मृदुलेश मिश्रा ने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। डा. मिश्रा ने बताया कि बच्चों के पेट में कृमि होने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में कमजोरी, भूख में कमी और शारीरिक विकास प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एल्बेंडाजोल की गोली पेट के कीड़ों को समाप्त करने के लिए दी जाती है। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने, नाखून साफ रखने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। भोजन करने से पहले और शौचालय जाने के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण और साफ-सफाई अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बच्चों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। शिक्षामित्र बीरेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से बचने, साफ पानी पीने, नाखूनों को समय-समय पर काटने और भोजन को ढककर रखने जैसी छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर कृमि संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों से एल्बेंडाजोल की गोली लेने के साथ स्वच्छता संबंधी आदतों को नियमित रूप से अपनाने की अपील की। बताया गया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। पहला चरण 10 फरवरी और दूसरा चरण 10 अगस्त को आयोजित होता है। इस दौरान बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाती है। कार्यक्रम में शिक्षिका माया सिंह, रिया सेठी, शिक्षामित्र संध्या देवी पटेल और वालंटियर रोहिणी देवी सहित विद्यालय के बच्चे मौजूद रहे।







