Home आस्था रक्षाबंधन पर सजे बाजार, मनपसंद राखियों से सजेगी भाई की कलाई

रक्षाबंधन पर सजे बाजार, मनपसंद राखियों से सजेगी भाई की कलाई

पिछले साल के मुकाबले इस साल 10 से 15 फीसदी तक बढ़े राखियों के दा

JALAUN NEWS: रक्षाबंधन त्योहार के लिए बाजार सज गए हैं, खरीदारों की भीड़ बढ़ रही है। बहनें अपने भाइयों के लिए जहां सुंदर राखियों की खरीदारी कर रही हैं तो वहीं भाई बहनों के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं। इस बार बाजार में विभिन्न प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल 10 से 15 फीसदी तक दाम बढ़ गए हैं। 9 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए घंटाघर स्थित बाजार, सर्राफा बाजार, चूड़ी बाजार व अन्य बाजारों में राखियों की दुकानें सज गई हैं। बाजारों में 10 से लेकर 2500 हजार रुपये तक की राखियां उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने दिल्ली, कोलकाता और मुंबई से राखियां मंगवाई हैं। कोलकाता से जड़ी वाली राखी, दिल्ली से डोरी वाली और मुंबई से स्टोन वर्क की हुईं राखियों का स्टॉक किया गया है। चूड़ी बाजार स्थित राखियों के विक्रेता अब्दुल हक कहते हैं कि अब रक्षाबंधन में लगभग 20 दिन ही बाकी है। अभी से ही खरीदारी के लिए भीड़ जुच शुरू हो गई है, और आगामी दिनों में यह भीड़ और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार बहनें स्टॉन, रामचरण, पादुका, धनुष, हनुमान, खाटू श्याम, रुद्राक्ष के अलावा जर्री वाली राखियों को भी खूब पसंद कर रही हैं। बाजार में 10, 30, 60, 100, 200 रुपये में अच्छी राखियां मिल रही हैं। वहीं बच्चों के लिए लाइटिंग व कार्टून वाली राखियों की सबसे ज्यादा मांग है।
भैया-भाभी के लिए खूब बिक रहा सेट
इस बार बाजार में भैया-भाभी के लिए राखियों के सेट की खूब मांग है। बहनें अपने भाइयों के लिए तो राखी खरीद ही रही हैं, भाभी के लिए भी राखियों की खरीदारी कर रही हैं। बाजार में इसकी कीमत 20 से लेकर 200 रुपये तक है। इसमें भैया और भाभियों की राखी का डिजाइन अलग-अलग बनाया गया है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले तीन-चार सालों से भैया-भाभी राखी सेट का प्रचलन बढ़ा है।
हर साल बदल जाता है डिजाइन राखियों के विक्रेता नूर सिद्दीकी कहते हैं कि हर साल राखियों का डिजाइन बदल जाता है। यह त्योहार ऐसा है, जिसमें बहनें अपने भाइयों को राखी के माध्यम से एक सुरक्षा कवच पहनाना चाहती हैं। राखियों और गिफ्ट विक्रेता आसिफ कहते हैं कि रक्षाबंधन की रौनक बाजारों में दिखाई देने लगी है। त्योहार नजदीक आते ही लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है।