परीक्षक हाईस्कूल में 45-50, इण्टर में 40-45 कापियों का प्रतिदिन करेगे मूल्यांकन
डेढ लाख परीक्षक प्रदेश के 250 मूल्यांकन केन्द्रों पर जांचेगे कापियां मूल्यांकन केन्द्रों पर बाहरी लोगों के प्रवेश, मोबाइल प्रतिबंधित: सचिव भगवती सिंह
PRAYAGRAJ NEWS: (वरिष्ठ संवाददाता)। एशिया के सबसे बडे यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं (कापियों) का मूल्यांकन प्रदेश के 250 मूल्यांकन केंद्रों पर 18 मार्च बुधवार से शुरू होकर एक अप्रैल के बीच होगा। इस दौरान प्रदेश में निर्धारित 75 संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों को उत्तर पुस्तिकाएं भेज दी गयी है। ढाई लाख
कापियों कामूल्यांकन 15 दिन में पूरा होगा। परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 45-50 कापियों और इण्टर में 40-45 कापियों का मूल्यांकन करेगे। मूल्यांकन वाली कापियों की रैण्डम चेकिंग होगी और मूल्यांकन में गडबडी मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मूल्यांकन का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रहेगा। जरुरत पडने पर मूल्यांकन को शीघ्र पूरा कराने के लिए समय में वृद्धि की जा सकती है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा की दृष्टि से 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य में नियुक्त अध्यापकों और कार्मिकों के अतिरिक्त किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षक सहित मूल्यांकन से जुडे अन्य कर्मी मोबाइल फोन अंदर नही लें जा सकेगे। सचिव भगवती सिंह ने बताया कि मूल्यांकन कार्य के संचालन के लिए 75 मुख्य नियंत्रक और 250 उप नियंत्रकों की तैनाती की गई है। जिले स्तर पर मूल्यांकन कार्यों में प्रभावी निगरानी के लिए सभी जिलों में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर डीएम द्वारा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि हाई स्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए लगभग 4,300 अंकेक्षक, 8,550 उप प्रधान परीक्षक और 83,800 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। इस प्रकार इंटरमीडिएट स्तर पर लगभग 2590 अंकेक्षक, 5300 प्रधान परीक्षक और 48990 परीक्षकों की नियुक्ति की गई है। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से नियुक्त लगभग 1 लाख 53 हजार कर्मी लगाये गये है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के कमांड एंड कंट्रोल रूम से सुबह 8 से रात 8 बजे तक सभी 250 मूल्यांकन केंद्रों की ऑनलाइन सतत निगरानी के लिए छह-छह घंटे की दो शिफ्ट में कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत पांच जिलों प्रयागराज, मेरठ,बरेली, वाराणसी और गोरखपुर में पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ यूपी बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन अंक अपलोड किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षाओं के मूल्यांकन की निष्पक्ष और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार 12 मार्च को संपन्न हो गई। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक 15 कार्य दिवसों से में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। हाई स्कूल की परीक्षा में इस बार छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 26 लाख और इंटर में 24.5 लाख रही है।यूपी बोर्ड के सचिव ने दावा किया है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं नकल माफिया, साल्वर गिरोह, छद्म परीक्षार्थियों और पेपर लीक करने वाले अराजक तत्वों के प्रयासों को निष्फल करते हुए पूरी तरह से नकल विहीन, शुचिता पूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई हैं।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने परीक्षा संपन्न होने के बाद बताया कि प्रश्न पत्रों की अभेद्य सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों के लगभग 1.22 लाख परीक्षा कक्षों और परिसरों में 2.89 लाख से अधिक वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे जिससे 24 घंटे निगरानी की गई। इसके लिए हर जिले में जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम, शिविर कार्यालय लखनऊ मे भी कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से मूल्यांकन पर नजर रखी जाएगी।







