राष्ट्रपति को भेजा गया धन्यवाद ज्ञापन
FATEHPUR NEWS: संयुक्त सामाजिक एकता मंच के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट स्थित अम्बेडकर पार्क में एकत्र होकर यूजीसी बिल 2026 के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और बिल के पक्ष में अपनी बात रखी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह बिल विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके साथ होने वाले अत्याचारों को रोकने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अमित ने कहा कि देश के इतिहास में जब-जब ओबीसी समाज के अधिकारों की बात उठी है, तब-तब एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों ने उसका विरोध किया है, चाहे वह साइमन कमीशन हो या मंडल कमीशन। उन्होंने कहा कि अब जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूजीसी बिल 2026 लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय को मजबूत करना है, तो कुछ संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध राजनीतिक एजेंडे के तहत किया जा रहा है और इससे देश की मूल समस्याओं जैसे जाति जनगणना और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हो रहा है। वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है और आने वाले समय में सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को धन्यवाद ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी बिल 2026 को गजट में प्रकाशित किए जाने पर आभार प्रकट किया। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से एडवोकेट दीपक डब्लू, एड अश्वनी यादव, एड इंद्रजीत यादव, एड सुनील उमराव, एड जगदीश मौर्य, राजेंद्र पासवान, एड धीरेन्द्र पासवान, एड विपिन यादव, एड के.पी. सिंह, फूल सिंह मौर्य, सुरेंद्र पासवान, एड जगनायक सचान, अरुण यादव, दिलीप पाल, रामचंद्र पाल, सुरेंद्र मौर्य, सिद्धांत पटेल, पंकज मौर्य, विवेक उमराव, एड संदीप माली, एड ओमप्रकाश पाल, एड चंद्रभूषण पाल, देवेंद्र पासवान, एड वीरेंद्र यादव, प्रदीप सोनकर, महेंद्र निषाद, अजय मौर्य, एड शिवदेश मौर्य, एड प्रभात पटेल, ब्रिजेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह मौर्य, एड वीरेंद्र पाल, एड दिलीप पटेल, शंकर लाल सविता, रजोल सेन, एड उपेन्द्र गौतम सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







