JHANSI NEWS: जनपद में मोबाइल विक्रेताओं और कथित फर्जी सर्विस सेंटरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कुछ मोबाइल विक्रेता ग्राहकों को कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर का झांसा देकर अपने परिचित रिपेयरिंग सेंटरों पर भेज रहे हैं, जहां ओरिजिनल पार्ट्स के नाम पर भारी रकम वसूलने के बावजूद मोबाइल ठीक नहीं किए जा रहे। ऐसा ही एक मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने नवाबाद थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। ईसाईटोला निवासी पत्रकार संगीता रायकवार ने थाना नवाबाद में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उन्होंने नगर निगम के सामने सिविल लाइन स्थित टडेया एजेंसी से वनप्लस कंपनी का मोबाइल खरीदा था। कुछ समय बाद मोबाइल की स्क्रीन खराब होने पर वह दुकान पर पहुंचीं। आरोप है कि दुकानदार ने उन्हें यह कहकर मैट्रो टावर, सिविल लाइन स्थित एक सर्विस सेंटर भेज दिया कि वह कंपनी का अधिकृत सर्विस सेंटर है। पीड़िता का कहना है कि संबंधित सर्विस सेंटर संचालक ने स्क्रीन बदलने के नाम पर 13,500 रुपये लिए और बिल भी दिया, लेकिन मोबाइल की खराबी दूर नहीं हुई। दोबारा शिकायत करने पर मोबाइल कंपनी में भेजने और स्क्रीन क्लेम कराने का हवाला देते हुए 4,700 रुपये और जमा करा लिए। इस प्रकार उनसे कुल 18,200 रुपये वसूल लिए गए। प्रार्थना पत्र के अनुसार, बाद में जानकारी करने पर पता चला कि संबंधित केंद्र कंपनी का अधिकृत सर्विस सेंटर नहीं है। जब वह वहां पहुंचीं तो उनका मोबाइल खुली अवस्था में पड़ा मिला। आपत्ति जताने पर संचालक ने दो दिन बाद आने की बात कही, लेकिन इसके बाद भी मोबाइल ठीक नहीं किया गया। आरोप है कि अब न तो मोबाइल सही किया जा रहा है और न ही जमा की गई राशि लौटाई जा रही है। इतना ही नहीं, पैसे वापस मांगने पर संचालक और कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर मोबाइल विक्रेता और संबंधित सर्विस सेंटर संचालक की भूमिका की जांच की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनका मोबाइल ठीक कराया जाए अथवा वसूली गई 18,200 रुपये की राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए। इस घटना के सामने आने के बाद शहर में मोबाइल रिपेयरिंग के नाम पर चल रहे कथित फर्जी सर्विस सेंटरों और ग्राहकों को गुमराह करने वाले नेटवर्क को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल नवाबाद पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







