राजेंद्र प्रसाद जायसवाल
प्रातःकाल एक्सप्रेस
वाराणसी।ज्ञानवापी का मामला इन दिनों काफी शांतिपूर्ण बना हुआ है। कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी के व्यास जी के तालाब (तालग्राम) में पूजा शुरू हो गई है ।और लगातार मुस्लिम पक्ष का विरोध हो रहा है। वही अब ज्ञानवापी मामले को लेकर विभिन्न राज्यों में मुस्लिम धर्मगुरुओं द्वारा रैली की जा रही है। रविवार को केरल में ज्ञानवापी मामले को लेकर जमाते इस्लामिक हिंद ने बैठक की। इस बैठक में अंजुमन सुशीलिया मुस्लिम समिति के सचिव मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी मौजूद रहे। ऐसे में अखिल भारतीय संत समिति ने आरोप लगाया है कि जमाते इस्लामिक हिंद के लोगों ने पीएफआई और आईएसआई के लोगों ने बैठक कर साजिश की तैयारी की है। अखिल भारतीय संत समिति के जवानों ने खतरे की आशंका जताई है कि छात्रों द्वारा ज्ञानवापी के आदिवासियों को अशांत करने की कोशिश की जा रही है।अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष स्वामी स्वामी आनंदानंद सरस्वती ने ज्ञानवापी में नमाज के दौरान बड़ी संख्या में पहुंच कर नमाजियों से सवाल किया कि गुजराती में पहले केवल 100 से 200 लोग नमाज पढ़ रहे थे, जिनकी सूची प्रशासन के पास मौजूद है। अदालत के आदेश पर जिस समय सर्वेक्षण शुरू हुआ, उसमें काफी संख्या में बाहरी लोग नमाज पढ़ने के लिए एकत्र होने लगे। बाहरी लोगों के आने से हो जाता है बुरा माहौल, इसलिए ज्ञानवापी में बाहरी लोगों को जाने से बचाया जाए। जो लोग ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने के लिए जा रहे हैं, उनके परिचय पत्र की जांच की जाए और उनके वीडियो ग्राफी और फोटो खींचे जाएं। अखिल भारतीय संत समिति के ठिकानों में जो लोग धार्मिक कुकृत्य करने की कोशिश कर रहे हैं,उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।






