PRAYAGRAJ/LAL GOPALGANJ NEWS: कलम के सिपाही के नाम से विख्यात महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 144वीं जयंती हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न साहित्यिक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन कर मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को याद किया गया। नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
गुरुवार को आईकेएम इंटर कॉलेज आनापुर, श्रृंगवेरपुर में मुंशी प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने मुंशी प्रेमचंद की अद्भुत लेखनी और उनके साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद न केवल एक महान कहानीकार और उपन्यासकार थे, बल्कि समाज के सजग प्रहरी भी थे। जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों और असमानताओं पर गहरा प्रहार किया। उन्हें ष्कलम का सिपाहीष् कहना बिल्कुल उचित है, क्योंकि उन्होंने अपनी कलम को समाज सुधार के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। इस अवसर पर जेपी मेमोरियल एजुकेशन ट्रस्ट ने एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया। इस दौरान बच्चों ने रचनात्मकता और लेखन कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा और उन्हें भविष्य में साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में अरुण शुक्ला, अनूप श्रीवास्तव, पंकज मिश्रा, सौरभ शुक्ला, अजय चैधरी, अरविंद यादव, रमेश गुप्ता, राधेश प्रताप, दूधनाथ, शशिधर, कृष्णकुमार, ए. पी. सिंह, उमेश सहित विद्यालय के कई अन्य कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





