Home उत्तर प्रदेश मासिक सरस काव्य संगोष्ठी संपन्न, साहित्यकारों का हुआ सम्मान

मासिक सरस काव्य संगोष्ठी संपन्न, साहित्यकारों का हुआ सम्मान

JHANSI NEWS: शास्त्री विश्वभारती संस्कृति शोध संस्थान, शास्त्री भवन सीपरी बाजार, झांसी में मासिक साहित्यिक सरस काव्य संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं साहित्य विभूषण डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज के कुलसचिव वरुण पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. गौरीशंकर उपाध्याय ‘सरल’, डॉ. ब्रजलता मिश्रा, डॉ. राजेश तिवारी ‘मक्खन’, हरिनारायण त्रिवेदी, हरप्रीत सिंह हैरी, श्रीमती कोनिका भामरा (चंडीगढ़), नीलम गुप्ता, डॉ. सुखराम चतुर्वेदी एवं फौजी सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। संस्थान की संयोजिका डॉ. सुश्री नीति शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया तथा झांसी से स्थानांतरित हुए पूर्व अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वरुण पाण्डेय का सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. गौरीशंकर उपाध्याय ‘सरल’ की काव्य कृतियों ‘क्रांतिवीर चन्द्रशेखर आजाद’ एवं ‘चंगु-मंगु के गीत’ का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा यतीश अकिंचन, डॉ. ब्रजलता मिश्रा एवं डॉ. गौरीशंकर उपाध्याय को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैलाश नारायण मालवीय ‘कृष्ण’ द्वारा मां सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद प्रताप नारायण दुबे, गया प्रसाद वर्मा ‘मधुरेश’, रमा शुक्ला ‘सखी’, हरिशंकर वाल्मीकि, रामबिहारी सोनी ‘तुक्कड़’, विजय कुमार सैनी, रामलखन सिंह परिहार, तेजभान सिंह बुंदेला, आरजू अग्रवाल, सुधा सक्सेना, डॉ. सुमन मिश्रा, अशोक मिश्रा, कामता प्रसाद प्रजापति, राहुल मिश्रा, धर्मेन्द्र कुमार ‘सारांश’, रवि कुशवाहा, डॉ. अरुण कुमार हिंग्वासिया, आरिफ शहडोली, धर्मपाल, डॉ. के.के. साहू, संजय तिवारी ‘राष्ट्रवादी’, ए.वी. मजूमदार, साकेत सुमन चतुर्वेदी, कांशीराम सेन ‘मधुप’ सहित अनेक रचनाकारों ने गीत, कविता एवं गजल का प्रभावशाली पाठ किया। गोष्ठी में सुभाषचन्द्र दीपक साहू, श्रीमती नीलम गुप्ता, डॉ. संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं श्रोतागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में पद्मश्री शायर बशीर बद्र तथा गीतकार सुमन कल्याणपुर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुखराम चतुर्वेदी ने किया तथा आभार डॉ. सुश्री नीति शास्त्री ने व्यक्त किया।