VARANASI NEWS: मां भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव रविवार, 30 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण द्वितीया के अवसर पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मां भीमचंडी जन्मोत्सव आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भजन संध्या, महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के तहत श्रीरामचरितमानस का अखंड पाठ, रुद्रचंडी यज्ञ एवं हवन की पूर्णाहुति, भजन संध्या और भगवती महाआरती होगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण चारों वेदों की अत्यंत गुप्त शाखाओं का प्रायोगिक एवं प्रत्यक्ष मंत्र पाठ रहेगा। इसके अंतर्गत चतुर्वेद पूजन और मंत्र जागरण भी किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार मां भीमचंडी देवी का मंदिर काशी की पंचक्रोशी यात्रा के क्रम में द्वितीय पड़ाव के रूप में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मान्यता है कि देवी के सान्निध्य से श्रद्धालुओं को जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफलता और विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कार्यक्रम में सनातन धर्म के चारों पीठों के शंकराचार्यों का आशीर्वचन प्राप्त होने की जानकारी आयोजन समिति ने दी है। वहीं अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के राज्यपालों के शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुए हैं। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’ के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख कार्यपालक विश्वभूषण मिश्र, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत, चिंतामणि गणेश मंदिर के प्रधान अर्चक,पं षडानन पाठक कारखेडकर वरिष्ठ समाजसेवी के साथ क्षेत्रीय विधायक सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन मां भीमचंडी देवी जन्मोत्सव आयोजन समिति, वाराणसी द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में जय माता दी चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री काशी क्षेत्र पंचक्रोशी जीर्णोद्धार समिति, श्री गणेशोत्सव सेवा समिति, नारायण शिक्षण संस्थान और श्री राज-राजेश्वरी फाउंडेशन समेत विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहेगा।







