Home उत्तर प्रदेश महाकाल गैंग प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

महाकाल गैंग प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

लूट के आरोप में शांति भंग की कार्रवाई; पीड़ित ने एसपी से की शिकायत
KUSHINAGAR NEWS: नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में महाकाल गैंग द्वारा युवक से मारपीट कर एक लाख रुपये लूटने और वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने वीडियो में दिख रहे तीन युवकों को गिरफ्तार कर शांति भंग में चालान कर दिया, जिससे क्षेत्र में नाराजगी व्याप्त है। वहीं, पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर तहरीर बदलवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। एसपी ने मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंप दी है। खड्डा थाना क्षेत्र के कोहरगड्डी गांव निवासी इरशाद शुक्रवार को बाइक से रामकोला थाना क्षेत्र के लक्ष्मीगंज बाबू टोला स्थित ससुराल जा रहा था। आरोप है कि ढोलहा के समीप कुछ युवकों ने खुद को महाकाल गैंग का सदस्य बताते हुए उसे घेर लिया। डंडा व चैन से बेरहमी से मारपीट की गई, एक लाख रुपये छीन लिए गए और घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
पीड़ित ने रविवार को थाने पहुंचकर तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने अभय (सिरसिया), सहजाद (मठिया आलम) और समीम (कुर्मीपट्टी) को गिरफ्तार किया, लेकिन लूट जैसे गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज करने के बजाय शांति भंग की कार्रवाई कर दी। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। मंगलवार को पीड़ित के पिता मुमताज ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार से मिलकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस कर्मियों द्वारा सुलह का दबाव बनाया जा रहा है और तहरीर से ‘लूट’ शब्द हटाने को कहा जा रहा है। इतना ही नहीं, देर शाम घर लौटते समय अज्ञात कार सवार युवकों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की भी बात कही गई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में एसपी केशव कुमार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रभारी निरीक्षक चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।