Home उत्तर प्रदेश मसीहा उर्दू सोसाइटी के तत्वावधान में सेमिनार आयोजित

मसीहा उर्दू सोसाइटी के तत्वावधान में सेमिनार आयोजित

विभिन्न क्षेत्रों की चार हस्तियों को सम्मानित किया गया

SIDHARTHNAGAR NEWS:  मसीहा उर्दू सोसाइटी द्वारा उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से ‘उर्दू शायरी में राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति’ विषय पर एक सेमिनार का आयोजन जनता टेंट हाउस, इटवा (सिद्धार्थनगर) में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता इसरार अहमद फारूकी ने की, जबकि संचालन मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, लखनऊ परिसर के डॉ. मसीहुद्दीन खान ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तौसीफ एच. खान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में अबुल हिशाम खान, वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल कुद्दूस, शायर हिदायतुल्लाह शम्सी तथा जमाल अहमद कुद्दूसी शामिल रहे। अन्य वक्ताओं एवं शोधपत्र प्रस्तुतकर्ताओं में डॉ. अयाज अहमद, मास्टर शाहिद हुसैन, मास्टर मोहम्मद जुबैर, मास्टर अब्दुल हलीम, मौलाना नईम अरशद कासमी, मास्टर अब्दुल फरीद खान, मास्टर इसराइल, मौलाना मोहम्मद मुस्लिम, इबारत हुसैन, मास्टर अहमद, सिराज अहमद सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में सोसाइटी के संरक्षक अब्दुल हलीम खान एवं आयोजकों ने अतिथियों का बैज लगाकर स्वागत किया। इस अवसर पर सोसाइटी द्वारा चार विशिष्ट व्यक्तियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए शॉल, मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें सामाजिक सेवा के लिए इसरार अहमद फारूकी, पत्रकारिता के लिए अब्दुल कुद्दूस, शिक्षण कार्य के लिए अबुल हिशाम खान तथा सामाजिक सेवा के लिए अहमद खान को सम्मानित किया गया। संचालन करते हुए डॉ. मसीहुद्दीन खान ने कहा कि यह विषय अत्यंत व्यापक है और उर्दू शायरी में राष्ट्रीय एकता की भावना प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। शायरों ने अपने काव्य के माध्यम से देशभक्ति और एकता का संदेश दिया है। अध्यक्ष इसरार अहमद फारूकी ने कहा कि इटवा में इस तरह के महत्वपूर्ण विषय पर सेमिनार का आयोजन होना गर्व की बात है। आज उर्दू भाषा विश्व स्तर पर लोकप्रिय हो रही है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। शायर हिदायतुल्लाह शम्सी ने उर्दू शायरी पर विस्तृत आलेख प्रस्तुत करते हुए गद्य एवं पद्य दोनों रूपों में अपनी रचनाएं सुनाईं। वहीं जमाल अहमद कुद्दूसी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए काव्य पाठ किया। अन्य वक्ताओं ने उर्दू भाषा के अध्ययन एवं लेखन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सेमिनार में नियाज अहमद, दानिश मजहर, सिराज अहमद, अहमद खान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सोसाइटी के संरक्षक अब्दुल हलीम खान एवं संस्थापक डॉ. मसीहुद्दीन खान ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।