Home उत्तर प्रदेश मनरेगा की संवैधानिक भावना से किसी प्रकार का समझौता नहींःकांग्रेस

मनरेगा की संवैधानिक भावना से किसी प्रकार का समझौता नहींःकांग्रेस

मनरेगा को कमजोर करने के खिलाफ कांग्रेस ने किया कलेक्ट्रेट पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
BHADOHI NEWS:  मनरेगा को कमजोर करने के खिलाफ गुरुवार को कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर मनरेगा की मूल भावना को पूर्ण रूप से बहाल करने, काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय एवं जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगातार बजट कटौती, भुगतान में देरी और काम की अनिश्चितता पैदा कर इस योजना को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा की संवैधानिक भावना से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ.राजेंद्र दुबे राजन ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर सुरेश मिश्र एवं किसान कांग्रेस सोशल मीडिया के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दिलीप मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार को मनरेगा मजदूरी न्यूनतम 400 रुपए प्रतिदिन निर्धारित करनी चाहिए तथा सभी लंबित भुगतान तत्काल कराए जाएं। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। जिला उपाध्यक्ष राजेश्वर दुबे, त्रिलोकीनाथ बिंद, सुरेश गौतम कहा कि मनरेगा को लेकर निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर हसनैन अंसारी, अवधेश पाठक, शिवपूजन मिश्र, नाजिम अली, रमाशंकर बिंद, सुरेश चैहान, महेशचंद मिश्र, मनोज गौतम, शमशीर अहमद, हरिश्चंद्र दुबे, सरफराज अहमद, धीरज मिश्र, नितिन सिंह, शक्ति मिश्र, राजेश यादव, वकील खां, मोनिस अंसारी, विमलेश पाल व रमेश चैबे आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।