‘विकसित भारत 2047’ का सपना बुंदेलखंड राज्य के बिना अधूरा: प्रवीण पांडेय
FATEHPUR NEWS: अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने व्यापक जनअभियान छेड़ दिया है। समिति के आह्वान पर फतेहपुर सहित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के सभी जिलों, नगरों और विकास खंडों से नागरिक प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के माध्यम से अपनी मांग दर्ज करा रहे हैं। समिति के अनुसार फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झांसी, जालौन, ललितपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और शिवपुरी जिलों से बड़ी संख्या में लोग टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर 40–45 सेकंड का संदेश रिकॉर्ड कर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग उठा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं—पलायन, बेरोजगारी, जल संकट और अपेक्षित विकास के अभाव—को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने लाना है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय (बुंदेलखंडी) ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है। उनका कहना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करना चाहते हैं, तो बुंदेलखंड को पृथक राज्य का दर्जा देना आवश्यक है। संतुलित और समावेशी विकास के लिए क्षेत्रीय न्याय जरूरी है, और अलग बुंदेलखंड राज्य उसका महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से लोकतांत्रिक तरीके से अधिकाधिक संख्या में अपनी आवाज दर्ज कराने की अपील की। समिति का नारा—“अबकी बार बुंदेलखंड राज्य”—अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रहा है। प्रवीण पांडेय ने बताया कि इस मुहिम को युवाओं, किसानों, अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।







