ETAWA NEWS: कस्बा बकेवर में भोलेनाथ सेवा समिति के तत्वाधान में विशाल भव्य शंकर बारात ने कस्बा के तीन रोडों पर भ्रमण किया शंकर बारात का शुभारंभ भरथना क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान ने फीता काट कर बारात को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। शंकर बारात में झांकिया आकर्षण के केन्द्र रही। बारात में बकेवर लखना सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भी भारी संख्या में भीड़ रही। नगर के लोगों ने पुष्पवर्षा के बारात का स्वागत जगह जगह किया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना प्रभारी विपिन मालिक भारी पुलिस बल के साथ जगह जगह तैनात रहे। भोलेनाथ सेवा समिति के तत्वाधान में बकेवर स्थित वन खंडेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई भगवान भोलेनाथ की विशाल बारात नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की भीड़ भारी तादाद में शिव भक्त बारात में मौजूद रहे वन खंडेश्वर महादेव मंदिर से बारात का शुभारंभ भरथना क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान के द्वारा फीता काटकर हुआ वहीं कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा सीओं भरथना को पुष्प माला व अंगबस्त्र व पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया वहीं भोलेनाथ की बारात में अनेक प्रकार की आकर्षक झांकियों के साथ नगर के तीन मार्ग से होते हुए भ्रमण कर वन खंडेश्वर महादेव मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। ढोल नगाड़ों की थाप डीजे की धुन पर भरथना रोड के वनखड़ेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई भगवान शंकर की बारात का जगह जगह पर नगर के लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शंकर बारात में अनेक प्रकार की झांकिया आकर्षण का केन्द्र रही जिसमें राधा कृष्ण की झांकी, शंकर जी का नृत्य, भूतों की टोली, उनके साथी, रथ पर सवार भगवान शंकर, नाग नागिन नित्य, सहित गाजे बाजों ढोल नगाड़ा की धुन पर आकर्षक झांकियों के साथ कस्बा के मुख्य चौराहे से इटावा रोड गोपाल मंदिर व भरथना रोड औरैया रोड से होते हुए वन खंडेश्वर महादेव मंदिर पर शिव की बारात का समापन हुआ जिसमें शिव की बारात में शामिल हजारों बाराती नृत्य करते हुए आनंद लेकर बारात को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। उक्त कार्यक्रम आयोजक ज्वाला प्रसाद कठेरिया सहित भोलेनाथ सेवा समिति के सदस्यों व शंकर बारात में उपस्थित कलाकारों का समिति व नगर के लोगों ने प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना प्रभारी द्वारा हाईवे व कस्बा के मुख्य चौहारों सहित शंकर बारात में पुलिस बल को तैनात किया गया था जिससे की किसी भी प्रकार की कोई अराजकता न फैला सके वहीं कुछ समय के लिऐ बड़े वाहनों को कस्बा के अंदर जाने से भी रोक दिया गया था।







