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भगवान् श्रीकृष्ण के स्मरण मात्र से जीवन में सुमंगल की हुआ करती है वृद्धि- आचार्य देवव्रत

शिवबोझ में कथा विश्राम पर सुदामा कृष्ण मैत्री प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालु
PRATAPGARH NEWS:  लक्ष्मणपुर क्षेत्र के शिवबोझ गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर आचार्य देवव्रत महाराज द्वारा सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष कथा और श्रीमद्भागवत महात्म्य की सजीव चित्रण ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सुदामा-कृष्ण की अटूट मित्रता और भगवान की कृपा का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस अवतार में समता का संदेश दिया। उन्होने सुदामा की गरीबी भगवान कृष्ण के पास जाना, द्वारपालों द्वारा रोकना, कृष्ण द्वारा सुदामा का भव्य स्वागत और मित्रता की मिसाल, तक्षक नाग द्वारा परीक्षित को डसना और सुखदेव जी द्वारा परीक्षित को मोक्ष प्राप्ति की कथा का वर्णन किया। उन्होने कहा कि श्रीमदभागवत कथा से हमें यह सीख मिलती है कि भक्ति की परिपूर्णता में जीवन में प्राणी को मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। उन्होने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण से मनुष्य भव बन्धन से मुक्त हो जाता है। कथा विश्राम दिवस पर मुख्य यजमान राजेन्द्र तिवारी व शान्ती देवी ने कथाव्यास को रोली चन्दन लगाकर अभिषेक किया। इस मौके पर चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, रामराज पाण्डे, बड़ेलाल शुक्ल, सुरेश मिश्र मदन, श्यामजी जायसवाल, उमेश पाण्डे, प्रमोद मिश्र, राजेश मिश्र रज्जन, मनीष तिवारी, राज कुमार शुक्ल, राजीव शुक्ल, मनोज तिवारी, मान्यता तिवारी, अर्चना तिवारी आदि रहे।