PRATAPGARH NEWS: लालगंज नगर पंचायत के पूरे स्वामी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा श्रवण को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथाव्यास जगदगुरू स्वामी योगेश्वराचार्य महराज ने राजा परीक्षित से जुड़ी कथा सुनाई। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे दिखे। कथाव्यास स्वामी योगेश्वराचार्य ने बताया कि राजा परीक्षित ने कलियुग के प्रभाव में आकर श्रृंगी ऋषि के श्राप के कारण सातवें दिन तक्षक नाग से मृत्यु की भविष्यवाणी सुनीं तो वह शुकदेव के पास पहुंचे। उन्होने शुकदेव जी से जीवन के अंतिम समय में मुक्ति का मार्ग पूछा। शुकदेव ने राजा परीक्षित को श्रीमदभागवत कथा का श्रवण कराया और कहा कि मृत्यु के सन्निकट होने पर भी भगवान की भक्ति व संकीर्तन से मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। कथाव्यास ने कहा कि संसार में धन वैभव और ऐश्वर्य का अहंकार नहीं करना चाहिए। उन्होने कहा कि कलियुग में हरिनाम संकीर्तन और सत्संग ही जीवन को कष्टमुक्त बना सकता है। सच्चे संत पर चर्चा करते हुए कथाव्यास ने कहा कि सच्चे संत का परम कर्तव्य है कि वह देशाटन करते हुए लोगों में सनातन धर्म के प्रति प्रेरणा का संचार करे। श्रीमदभागवत कथा के मुख्य आयोजक रमाकांत मिश्र व द्रोपदी मिश्रा ने रोली चन्दन अक्षत से मंत्रोचार के बीच व्यासपीठ का पूजन किया। संयोजक राजकुमार मिश्र ने श्रद्धालुओं का स्वागत व मनीष कुमार मिश्र ने आभार जताया। इस मौके पर आचार्य राम अवधेश मिश्र, अंजनी अमोघ, प्रधानाचार्य सुरेश कुमार सिंह, पप्पू तिवारी, आचार्य राजेश मिश्र, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश मिश्र, विद्याकांत मिश्र, आचार्य उमाशंकर मिश्र, डॉ0 ज्ञानेन्द्रनाथ त्रिपाठी, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, ज्ञानू तिवारी, बृजेश द्विवेदी, श्रीकांत मिश्र, अधिवक्ता प्रवीण आदि मौजूद रहे।







