Home आस्था ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञान सूर्य संग्रहालय, सोरांव में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव संपन्न

ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञान सूर्य संग्रहालय, सोरांव में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव संपन्न

PRAYAGRAJ NEWS: ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सूर्य संग्रहालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक भव्य एवं मनमोहक झांकी सजाई गई, साथ ही सुंदर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन विशिष्ट अतिथियों द्वारा श्री कृष्ण की आरती कर एवं झूला झुलाकर किया गया। इस अवसर पर पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता, भक्ति और उल्लास की मधुर तरंगें गूंज उठीं। कार्यक्रम का शुभारंभ सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ, जिसमें बच्चों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित नृत्य-नाटिकाएँ प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। उपस्थित भक्तगण झूम उठे और ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर आए हुए विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार रखे
राधा कृष्ण आदर्श कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल डॉक्टर उमाकांति चौरसिया ने कहा – “जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मा के पुनर्जन्म और जीवन के वास्तविक उद्देश्य की याद दिलाता है। श्रीकृष्ण का संदेश हमें जीवन में सच्चाई, प्रेम और धर्म का पालन करने की प्रेरणा देता है।”
ने अपने संबोधन में कहा – “आज का यह आयोजन बच्चों और समाज दोनों को मूल्यों से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास है। झांकी के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश बहुत सरलता से लोगों तक पहुँचा है।”
ब्रह्मा कुमारीज के मुख्यालय माउंट आबू से आई राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी शिवांगी ने कहा – “सच्ची जन्माष्टमी तब है जब हम अपने भीतर बसे दिव्य गुणों को जाग्रत करें और विकारों पर विजय पाएं। यही श्रीकृष्ण का वास्तविक संदेश है।”

अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से झांकी के दर्शन किए।

पूरे आयोजन ने सोरांव क्षेत्र में एक आध्यात्मिक माहौल का संचार किया और सभी भक्तगण श्रीकृष्ण के मधुर स्मरण में सराबोर हो गए।

इस दौरान ज्ञान सूर्य संग्रहालय में स्थित लक्ष्मी–नारायण के सुंदर म्यूजियम का भी बड़ी संख्या में लोगों ने अवलोकन किया और वहां से गहन ईश्वरीय संदेश प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह अनुभव उन्हें आत्मिक शांति, प्रेरणा और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने का अवसर प्रदान करता है कार्यक्रम में  सीएमपी इंटर कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर हिमानी, ज्ञान सूर्य संग्रहालय के बीके रतनलाल बीके सुमिता, बीके निधि, बीके अरुणा समेत अनेक बीके सदस्य भी मौजूद रहे।