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बुद्धभूमि की ज्ञान परंपरा को सहेजना ही भगवान बुद्ध के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि: मणेन्द्र मिश्रा

शोहरतगढ़ में बुद्ध पूर्णिमा पर संगोष्ठी का आयोजन, सामाजिक कार्यों के लिए 60 विभूतियों का हुआ सम्मान
SIDHARTHNAGAR NEWS: तहसील मुख्यालय पर बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर ‘गौतम बुद्ध का जीवन दर्शन’ विषयक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने शिरकत की। उन्होंने सिद्धार्थनगर की पावन धरती को बुद्धभूमि बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया को शांति और अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले तथागत बुद्ध के विचार आज भी पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। मुख्य अतिथि ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी जनपदवासी सौभाग्यशाली हैं कि भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण के साक्षी इस पवित्र क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना कर बुद्ध की ज्ञान परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीवंत रखने का ऐतिहासिक कार्य किया। इस भगीरथ प्रयास में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय का योगदान भी अविस्मरणीय रहा। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा सामाजिक आयोजनों और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने वाली 37 महिलाओं और 23 पुरुषों को अंगवस्त्र एवं बुद्ध का चित्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गौतम बुद्ध एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश सचिव राममिलन भारती, अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शकील शाह, एडवोकेट अरविंद कन्नौजिया, कामरेड श्यामलाल शर्मा और छात्रसभा के राष्ट्रीय सचिव अजय चौरसिया ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार व्यक्त करते हुए संयोजक व नगर पंचायत शोहरतगढ़ के पूर्व प्रत्याशी गोपाल फौजी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर शिवचंद्र भारती, सर्वजीत भारती, जयराम, सहदेव, अशफाक खान, परमात्मा गुरु जी, लक्ष्मी गौतम, पुष्पा गौतम, श्रीकांति राव, रीता गौतम, केतकी देवी सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।