Home आस्था बसंत पंचमी के पावन पर्व पर हिंदू सम्मेलन एवं सहभोज कार्यक्रम का...

बसंत पंचमी के पावन पर्व पर हिंदू सम्मेलन एवं सहभोज कार्यक्रम का आयोजन

LUCKNOW NEWS: शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान,लखनऊ द्वारा बसंत पंचमी के पावन पर्व पर जेसी गेस्ट हाउस निराला नगर में हिंदू सम्मेलन एवं सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  भारतीय संस्कृति में बसंत का आगमन नवचेतना, नवस्फूर्ति का परिचायक है। कार्यक्रम का प्रारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण  एवं दीप प्रज्वलन से हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामहिम पूर्व राज्यपाल  कलराज मिश्रा, कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉo दिनेश शर्मा,सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं विशिष्ट अतिथि आदरणीय  डॉ महेंद्र सिंह मा. विधान परिषदसदस्य/पूर्व मंत्री, अतिथि के रूप में आदरणीय विजयलक्ष्मी गौतम,राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, आदरणीय सुषमा खर्कवाल  मा० महापौर लखनऊ उपस्थिति रही। दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मिश्रा ने  सभी गणमान्य अतिथियों को अंग वस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रतिष्ठान की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। महेंद्र सिंह  ने अपने उद्बोधन में सुभाष चंद्र बोस जिनकी आज जन्मतिथि है उनको याद करते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस के नारों ने पूरे देश को नई ऊर्जा स्फूर्ति दी । 1.जय हिंद का नारा जो लोगों में उत्साह और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करता है l2. तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, इस नई ने सभी को जोड़ने का कार्य किया देश की एकता और अखंडता पर बलिदान होने के लिए स्वतंत्रता सेनानी एकजुट हुए। अपने अध्यक्षीय भाषण में  दिनेश शर्मा ने  भारतीय परंपरा में उत्सवधर्मिता को महत्व देते हुए बताया कि किस तरह भारतीय संस्कृति में विशेष पर्व और त्योहारों का महत्व है l बसंत पंचमी जोकि ऋतु परिवर्तन एवं मां सरस्वती की आराधना के साथ ही ऐसा शुभ  दिन है जिस दिन किसी भी कार्य को करते समय मुहूर्त और समय की आवश्यकता नहीं होती है l वसुधैव कुटुंबकम हमारी भारतीय संस्कृति का परिचायक रहा है और इस तरह के आयोजन सभी को एकता के सूत्र में बांधते हैं l खिचड़ी सहभोज समरसता का प्रतीक है l  कलराज मिश्रा ने दीनदयाल सेवा प्रतिष्ठान के कार्यों की सराहना करते हुए सभी को प्रेरित किया कि आगे भी समाज को जोड़ते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को समाज में सार्थक करते हुए किस तरह कार्यों का संचालन और विधिवत किया जाए जिससे अंत्योदय की भावना को बल मिले l अपने उद्बोधन में संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है और हमें इसमें पूर्ण निष्ठा और आस्था रखनी होगी l मंच का संचालन राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुधांशु श्रीवास्तव जी ने किया l
इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठान के प्रवीण मिश्र जी राष्ट्रीय अध्यक्ष,आशा सिंह,संजय चौधरी,निखिलेश सिंह,गोपाल शुक्ला,पी के मिश्र,संजीव तिवारी,डा नीरज शुक्ला महामंत्री,जवाहर सिंह,शशि अग्रवाल,अनिल शुक्ला,सुधांशु श्रीवास्तव,निशी रंजन तिवारी,सरल शुक्ल,अभिनव अस्थाना,एम ए खान,संजय सिंह,माधव राज यादव,राजेन्द्र पांडेय,हिमांशु दूबे,विनय यादव सहित प्रतिष्ठान के सभी सदस्य उपस्थित थे एवं शहर के विभिन्न गणमान नागरिक सम्मिलित हुए और सभी ने बसंत उत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया।