प्रयागराज के जसरा क्षेत्र अंतर्गत चदैयाबारी गांव में बुधवार को अचानक लगी भीषण आग ने ग्रामीणों को हिला कर रख दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते सरजू यादव का पूरा घर जलकर राख हो गया, वहीं आसपास के कई ग्रामीणों का भूसा भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। इस घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में भय व्याप्त हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग संदिग्ध परिस्थितियों में लगी, जिसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। दोपहर के समय अचानक उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज गर्मी और हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे आसपास के घरोंऔर खेतों में रखे भूसे को भी नुकसान पहुंचा।घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाल्टियों, ट्यूबवेल और अन्य संसाधनों की मदद से ग्रामीणों ने घंटों कड़ी मशक्कत की। काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक सरजू यादव के घर का सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। घरेलू सामान, कपड़े, अनाज और जरूरी दस्तावेज भी इस आग में नष्ट हो गए।
प्रयागराज के जसरा क्षेत्र अंतर्गत चदैयाबारी गांव में अचानक लगी भीषण आग,किसानों का भूसा जलकर ख़ाक।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह और भी भयावह रूप ले सकती थीऔर पूरे गांव को अपनी चपेट में ले सकती थी। आग लगने के बाद महिलाओं और बच्चों में खासा डर देखने को मिला,जबकि पुरुष आग बुझाने में जुटे रहे। घटना के बाद प्रशासन को सूचना दे दी गई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की जांच कराई जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस आगजनी की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन संसाधनों की कमी को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समयपर दमकल विभाग की मदद मिलती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।







