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पीडीएः 51 वर्ष में नही बढ़ा लैण्डबैंक,बदल गये 38 वीसी शहर के चारों तरफ बढ़ गयी 100 किमी सीमा

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  • तीन वीसी ने योजनाएं शुरू की , 35 वीसी ने नहीं किया कोई कार्य
  • नयी योजनाओं के लिए जमीन की तलाश हुई तेज –डा अमितपाल शर्मा
    प्रयागराज (प्रातःकाल एक्सप्रेस)। अपने स्थापना के 51 वर्ष में प्रयागराज विकास प्राधिकरण प्रयागराज (पीडीए) की सीमा शहर के चारों तरफ 100 किमी से अधिक बढ़ गयी है लेकिन लैण्डबैंक एक इंच नहीं बढ़ा है जिससे कि अब पीडीए अपने अस्तित्व के बजूद के लिए जूझ रहा है। इस दौरान पीडीए में 38 उपाध्यक्ष और पांच दर्जन सचिव बदल गये है। पीडीए की स्थापना 30 अगस्त 1974 को हुई थी।
  • पहले उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र बर्सेरिया थे। इनका कार्यकाल करीब दो वर्ष था। पीडीए के क्षेत्र में शहर, झूंसी, नैनी और फाफामऊ तक का क्षेत्र था। 15 वें वीसी पीएन मिश्रा थे जिनका कार्यकाल 31अगस्त 1991 से छह मार्च 1993 था, इस दौरान वीसी पीएं मिश्रा ने त्रिवेणीपुरम, देवघाट झलवा, कालिंदीपुरम, शांतिपुरम,बद्री आवास योजना, मेहदौरी आवास योजना, हैजा अस्पताल, नैनी, झूंसी और फाफामऊ क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं शुरू की जिसमें हजारों फ्लैट, प्लाट और व्यावसायिक भवन बने जिससे बड़ी संख्या में लोगों के रहने और व्यावसायिक कार्य शुरू हो सके, बनवाकर लोगों को आवंटित किया, इससे पीडीए को अच्छा राजस्व मिला।
  • वर्ष 2009 से 16 तक पीडीए के वीसी अनिल कुमार सिंह और वीसी अजय कुमार सिंह ने चार वर्ष के कार्यकाल में कालिंदीपुरम, झलवा, नैनी, फाफामऊ क्षेत्र में दर्जनभर छोटी आवासीय योजनाएं शुरू की जिससे कि पीडीए का राजस्व बढ़ता गया।
  • पीडीए के स्थापना से लेकर आजतक 51वर्ष गठन के बाद से तीन वीसी पीएन मिश्र, अनिल कुमार सिंह और अजय कुमार सिंह ने पीडीए की मजबूती के लिए नयी आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं शुरू की जबकि पीडीए के वीसी भानु चन्द्र गोस्वामी ने शहर को सौन्दर्यीकरण करते हुए सड़कों, चैराहों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर सड़कों और चैराहों का चैड़ीकरण करवाया जिससे आज शहर की खूबसूरती बढ़ गयी है।
  • पीडीए के स्थापना दिवस 30 अगस्त 1974 से लेकर आजतक कुल 38 उपाध्यक्ष ( वीसी) बने जिसमें चार वीसी को छोड़कर किसी भी वीसी ने पीडीए की लैण्डबैक बढ़ाने, नयी योजनाएं शुरू करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
  • पीडीए के उपाध्यक्ष डा अमितपाल शर्मा ने बताया कि पीडीए के लैण्डबैंक को बढ़ाए जाने की तैयारियां व्यापक स्तर पर चल रही है। संभावना है कि जमीन अधिग्रहण करने के तुरंत बाद प्लाट, फ्लैट, व्यावसायिक योजनाएं शुरू हो जाएगी जिससे बडी संख्या में लोगों के आवास की समस्या खत्म होगी।
1300 कर्मचारी में से अब 360 कर्मचारी बचे
प्रयागराज। पीडीए के गठन के दौरान कर्मचारियों की संख्या 13,00 थी लेकिन अब कर्मचारियों की संख्या 360 के करीब गयी है। पीडीए का कार्य क्षेत्र बढता जा रहा है लेकिन कर्मचारियों की संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है जिससे बचे हुए कर्मचारियों पर काम का बोझ बढता जा रहा है इससे कार्य प्रभावित हो रहा है।51 वर्ष में नही बनी पीडीए की बिल्डिंग
प्रयागराज। पीडीए के गठन को 51 वर्ष हो गये है लेकिन उसका अपना कार्यालय नही बन सका। जबकि शहर में दो दर्जन से अधिक जगह पर जमीन खाली है।