मध्यस्थता से दूर हुआ मनमुटाव, दोनों पक्षों ने रजामंदी जताई
-वपुलिस व विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल से परिवार में लौटी खुशिया
KUSHINAGAR NEWS: मनमुटाव के चलते काफ़ी दिनों से अलग रह रहे दंपती को एक बार फिर साथ लाने में पैरा लीगल वालेंटियर एडवोकेट रामाश्रय पांडेय की मध्यस्थता निर्णायक साबित हुई। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा मनमुटाव सुलझ गया व आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया गया। छहूं निवासी मोतीलाल की पुत्री पार्वती का विवाह कसया थाना क्षेत्र के सपहा निवासी मुकेश के साथ हुआ था। कुछ समय बाद आपसी मतभेद बढ़ने पर पार्वती अपने मायके में रहने लगी थी। इस बीच मुकेश ने मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद समाधान की प्रक्रिया शुरू हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पैरा लीगल वालेंटियर रामाश्रय पांडेय ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई। समझाने व कानूनी पहलुओं की जानकारी देने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी व दंपती ने पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। एडवोकेट रामाश्रय पांडेय ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य ऐसे पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है, जिससे न्यायालयों पर भार कम हो व परिवारों में सौहार्द बना रहे। थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में पुलिस का प्रयास रहता है कि पहले आपसी सुलह से समाधान कराया जाए, ताकि परिवार टूटने से बच सकें व समाज में सकारात्मक संदेश जाए। इस दौरान एसआई संतोष कुमार, विनायक यादव, अंकित, हेड कांस्टेबिल श्यामजनम यादव, बीपीओ जितेंद्र कुमार, प्रदीप मौर्य, महिला कांस्टेबिल ममता आदि मौजूद रहे।







