घटना के 6 दिन बाद भी हाथ पर चाकू के वार का न मेडिकल न एफआईआर विपक्षियों से के आगे धन-बल के दम पर नतमस्तक पुलिस क्रास एफआईआर दर्ज करने की धमकी दे मामले को दबाने के है फ़िराक़ में
LAKHIMPUR KHERI NEWS: कहते हैं पुलिस रस्सी का सांप बनाती है। और आईजीआर एस लगाने में उताऊली रहती है कैसे फोटो खींच कर आख्या लगा दे वीडियो ग्राफी कर दबाव बनाया मामले को दबाना आदि बाते में महारत हासिल पुलिस पत्रकारों को भी नहीं छोड़ती जैसा की कस्बा लहर पुर के रहने वाले आसिफ हसन जिया न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ है जिनको लहर पुर पुलिस काफी परेशान किए हुए हैं 6 दिन पुर्व पत्रकार के पुत्र पर प्राण घातक हमला होता है चाकू से हाथ पर वार होता है चोटिल पुत्र के मेडिकल और एफआईआर दर्ज नहीं होती जबकि पत्रकार ने स्थानीय थाने से लेकर केंद्रिय गृहमंत्री तक से शिकायत की मामले को आन लाइन किया मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र मे मोहल्ला काजी टोला थाना व तहसील जनपद सीतापुर के पीड़ित पत्रकार आसिफ हसन ने बताया उनका 15 वर्षीय नाबालिग पुत्र अदनान मदरसे से पढ़कर दिनांक 18-अक्टूबर-2025 को घर आ रहा था तीन अज्ञात युवक लाल रंग की बाइक से सवार होकर पत्रकार के पुत्र की साइकिल पर टक्कर मार दी विरोध करने पर उक्त लड़कों व पीड़ित पत्रकार के पुत्र में काफी हाक टाक हुई पुनः मिलने पर अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले गए जिसका परिणाम घटना दिनांक 24-अक्टूबर-2025 को लगभग 8 बजे पीड़ित पत्रकार का पुत्र मदरसे से पढ़कर दूध लेकर घर जा रहा था तभी अचानक ग्राम गौरिया प्रहलाद पुर के पास अज्ञात तीनों युवकों ने पीड़ित पत्रकार के पुत्र पर चाकू से प्राण घातक हमला कर दिया उक्त हमले से हाथ पर चाकू लगा पीड़ित पत्रकार का पुत्र घायल अवस्था में गिर गया तभी हमलावर बाइक से जान माल की धमकी देकर चले गए जिसकी सूचना मिलने पर पत्रकार अपने सहयोगी के साथ घटनास्थल से पुत्र को लेकर आए तथा पुलिस को शिकायती पत्र दिया उक्त घटना से पत्रकार का पुत्र इतना भयभीत हो गया कही पापा ना मारे कही मां न डांटे भय में बहकी बहकी बातें कर रहा पापा पुलिस से शिकायत न करों वह लोग मुझे मार देंगे लहर पुर थाने की पुलिस ने काफी सहयोग किया लेकिन नाबालिग पुत्र की भयभीत पन में जो बहकी बहकी बातें कही उससे पुलिस ने मेडिकल व एफआईआर दर्ज करने से साफ इन्कार कर दिया जो पीड़ित पत्रकार के न्याय हित में नहीं है।शनिवार अवकाश होने के कारण मार्केट बंद रहती है पत्रकार ने घटना के आस पास लोगों से जानकारी ली ज्यादातर लोगों ने बताया की लाल रंग की बाइक से तीन युवकों को काफी तेज गति से जाते हुए देखा गया पत्रकार के पुत्र के अनुसार वहीं युवकों ने घटना को अंजाम दिया पुलिस खुल्लेआम विपक्षियों से मिली हुई है जिसका उदाहरण विपक्षी ने गांव आंचल के कैमरों से सीसीटीवी फुटेज डिलिट करा दिया ने जिसकी आनलाइन शिकायत की थी जिसकी संदर्भ संख्या 40015425031524 जिस पर पुलिस पत्रकार को कोतवाली बुलाती है और आख्या लगाने फोटो खिंचवाने पर ज़ोर देती है पत्रकार के विरोध करने पर पुलिस ने मेडिकल और एफआईआर दर्ज करने से इन्कार पुनः कर दिया वजह पूछने पर पुलिस ने कहा ज्यादा तंग किया तो क्रास एफआईआर दर्ज कर पीड़ित पत्रकार के पुत्र का कैरियर तबाह कर देंगे भयभीत पत्रकार अपमानित होकर थाने से चला जब तक एक पत्रकार के मामले को पुलिस इतने हल्के में लेती है तो आम आदमी की क्या बिसात।







