Home उत्तर प्रदेश पति की मौत से उजड़ा घर, गोद में नवजात… डीएम ने 7...

पति की मौत से उजड़ा घर, गोद में नवजात… डीएम ने 7 दिन में भर दी राहत की झोली

थ्रेशर हादसे के बाद बेसहारा हुई पूजा को मिला 5 लाख मुआवजा, आवास, पेंशन, राशन कार्ड और सरकारी सुरक्षा का संबल

JAUNPUR NEWS: गेहूं की मड़ाई के दौरान थ्रेशर मशीन ने एक परिवार का सहारा छीन लिया, लेकिन जिला प्रशासन ने महज सात दिनों में उस उजड़े आंगन में राहत की किरण पहुंचा दी। मड़ियाहूं तहसील के बरसठी ब्लॉक स्थित भदराव गांव निवासी मुलायम बनवासी की दर्दनाक मौत के बाद उनकी पत्नी पूजा की गोद में नवजात शिशु और आंखों में आंसू थे। पति की असमय मौत से टूटी यह महिला जब फरियाद लेकर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की जनसुनवाई में पहुंची, तो प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश कर दी। एक सप्ताह पहले गेहूं की मड़ाई के दौरान मुलायम बनवासी के हाथ में बंधा रक्षा धागा अचानक थ्रेशर मशीन में फंस गया। देखते ही देखते वह मशीन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी पूजा, जिनके घर अभी हाल ही में पुत्ररत्न का जन्म हुआ था, अचानक पति के साए से भी वंचित हो गईं। मामला जिलाधिकारी की जनसुनवाई में पहुंचा तो डॉ. दिनेश चंद्र ने इसे सामान्य शिकायत की तरह नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़े गंभीर प्रकरण के रूप में लिया। उन्होंने तत्काल उपजिलाधिकारी मड़ियाहूं सहित राजस्व, समाज कल्याण, पूर्ति और कृषि विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजते हुए निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार को शासन की सभी पात्र योजनाओं का लाभ युद्धस्तर पर उपलब्ध कराया जाए। डीएम के सख्त निर्देश का नतीजा यह रहा कि सोमवार को जनसुनवाई के दौरान मृतक की पत्नी पूजा को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र सौंप दिया गया। यही नहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र, कृषि पट्टा, निराश्रित महिला पेंशन योजना का प्रमाणपत्र, अंत्योदय राशन कार्ड और जरूरी आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र भी तत्काल उपलब्ध करा दिए गए। पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। जिला प्रशासन यहीं नहीं रुका। परिवार को बाल सेवा योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में यह परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित रह सके। जनसुनवाई कक्ष में उस समय हर आंख नम हो गई जब मृतक की पत्नी पूजा ने बताया कि पति की मौत के बाद ही उनके घर नवजात बेटे ने जन्म लिया है। एक तरफ मांग का सिंदूर उजड़ गया, दूसरी तरफ गोद में मासूम की जिम्मेदारी आ गई। यह सुनकर जिलाधिकारी ने भावुक होते हुए कहा कि परिवार ने अपूरणीय क्षति झेली है, लेकिन यह नवजात शिशु उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बनकर आया है और जिला प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा। त्वरित सहायता मिलने पर पूजा और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया। जिले में प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल को राहत, संवेदना और न्याय के संगम के रूप में देखा जा रहा है।