SONBHADRA NEWS: गुप्त काशी सेवा संस्थान ट्रस्ट के केंद्रीय कार्यालय नाको, रामगढ़ में संस्था के अध्यक्ष एवं संस्थापक रवि प्रकाश चौबे के नेतृत्व में रक्षा बंधन, क्रांति दिवस,संस्कृत दिवस, गायत्री दिवस एवं पंडित दूधनाथ चतुर्वेदी की स्मृति में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिंतक अजय शेखर ने की। उन्होंने पं. दूधनाथ चौबे के चित्र एवं वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिवाकर दिवेदी ‘मेघ’ की वाणी वंदना के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। विशिष्ट अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र (संपादक, असुविधा) ने लोकसंस्कृति, पाषाण कालीन संदेश, लेखनी एवं पुरातात्विक धरोहर संरक्षण पर अपने विचार रखे और आयोजक ट्रस्ट को बधाई दी। राष्ट्रपति व राजयपाल पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने ट्रस्ट के उल्लेखनीय कार्यों को धर्मरक्षा की दिशा में अनुकरणीय बताया। कार्यक्रम में दिवाकर दिवेदी ‘मेघ’, अशोक तिवारी, प्रभात सिंह चंदेल, विवेक चतुर्वेदी, ने श्रृंगार गीत, छंद, ग़ज़ल, नज़्म और कत’आ प्रस्तुत कर महफ़िल को ऊर्जावान बनाया।इस अवसर पर जूनागढ़ अखाड़े के साधु-संतों का गरिमामय पदार्पण हुआ। ध्यानानंद जी महाराज एवं प्रयाग गिरी जी महाराज जी ने गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट द्वारा प्रकृति पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और रवि प्रकाश चौबे को शुभकामनाएं दी कि आगे भी इस तरह सामाजिक और रचनात्मक कार्य करते रहे। स्थानीय नागरिकों, ग्राम प्रधानों एवं कृषक समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी कवियों एवं अतिथियों का माल्यार्पण कर प्रतीक-चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं लेखनी प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण संयोजक एडवोकेट रवि प्रकाश चौबे ने दिया,श्री चौबे ने कहा कि आज ही के दिन 9 अगस्त 1942 को भारतीय आजादी को लेकर बहुत बड़े आंदोलन का बिगुल फुका गया जिसमे गाँधी जी ने एक नारा दिया था करो या मरो,जिसे हम अगस्त क्रांति /भारत छोडो आंदोलनके नाम से जानते हैं। उक्त अवसर पर मंडल अध्यक्ष चतरा योगेंद्र बिन्द,पार्थ सारथी, सुबेन्द्र सिंह चंदेल, श्रीकांत यादव, भोलाराम गिरी, पिंकू बाबा, सुधाकर देव पांडेय, सत्य प्रकाश पांडे, रमेश चौबे, प्रशांत मिश्रा, लव कुश देव, काशीनाथ, सुधाकर, कृष्ण प्रताप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।







