Home उत्तर प्रदेश न्याय,अधिकार की है ऐतिहासिक जीत : अनुदेशक

न्याय,अधिकार की है ऐतिहासिक जीत : अनुदेशक

अनुदेशकों के प्रतिनिधिमंडल ने मानदेय मामले में विजय प्राप्त होने पर अधिवक्ता दुर्गा तिवारी का किया स्वागत, अभिनंदन
PRAYAGRAJ NEWS:  अनुदेशकों के प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2017 से ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय की लंबी कानूनी लड़ाई में ऐतिहासिक विजय प्राप्त होने पर आज मामले के अधिवक्ता दुर्गा तिवारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
अधिवक्ता दुर्गा तिवारी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ से अनुदेशकों के पक्ष में निर्णय दिलाया। इसके पश्चात डबल बेंच में भी प्रभावी पैरवी के माध्यम से अनुदेशकों को विजय प्राप्त हुई। उन्हीं के द्वारा तैयार मजबूत कानूनी आधार पर अंततः सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने वर्ष 2017 से अब तक ₹17,000 प्रतिमाह की दर से एरियर का भुगतान छह माह के भीतर करने का आदेश पारित किया। भदोही के अनुदेशक एवं प्रमुख याचिकाकर्ता आशुतोष शुक्ला ने बताया कि सिंगल बेंच के आदेश के उपरांत अवमानना वाद में मुख्य सचिव के तलब होने के पश्चात राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्थगनादेश (स्टे) प्राप्त किया था। सुप्रीम कोर्ट ने नियत समय सीमा में डबल बेंच को आदेश पारित करने का निर्देश दिया, जिसके क्रम में डबल बेंच ने ₹17,000 प्रतिमाह एक वर्ष के लिए मानदेय देने का निर्णय आया था। राज्य सरकार ने उक्त निर्णय के विरुद्ध पुनः सुप्रीम कोर्ट में अपील की, किंतु अनुदेशकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सखाराम यादव एवं अनिता त्रिपाठी ने प्रभावी पक्ष रखते हुए ऐतिहासिक विजय सुनिश्चित की। सिंगल बेंच से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक प्रत्येक बिंदु पर पैनी नजर रखते हुए पैरवी करने वाले बृजेश त्रिपाठी के सतत प्रयास एवं समर्पण का भी प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित अनुदेशकों ने इसे न्याय और अधिकार की ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश के हजारों अनुदेशकों के लिए सम्मान और आर्थिक संबल प्रदान करने वाला सिद्ध होगा।