नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर वामपंथी दलों द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम
BHADOHI NEWS: आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उ.प्र. किसान सभा, अग्रगामी किसान सभा और अग्रगामी महिला फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को मकदूमपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई। उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उनके बलिदानों को याद किया गया। इस दौरान भाकपा के प्रदेश सचिव फूलचंद यादव ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कलेक्टर की नौकरी से इस्तीफा देकर देश की आजादी के लिए ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष छेड़ा था। उनके प्रयासों ने अंग्रेजों की नींव हिला दी और उन्हें भारत छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। बताया कि नेताजी ने 1939 में आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक का गठन कर जनता को लामबंद किया। उन्होंने जर्मनी जाकर 20 हजार भारतीय सैनिकों को हिटलर से मुक्त कराया और आजाद हिंद फौज का गठन कर सशस्त्र संघर्ष शुरू किया। उन्होंने 1942 में श्अंग्रेजों भारत छोड़ोश् नारे के साथ स्वामी सहजानंद सरस्वती के साथ मिलकर पूरे भारत में जबरदस्त संघर्ष चलाया। श्री यादव ने कहा कि नेताजी ने देश की जनता से श्तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगाश् का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिज्ञा ली थी कि देश को आजाद कराने के बाद धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, समाजवादी गणराज्य स्थापित होगा। जयंती पर नेताजी के इस अधूरे कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर जगन्नाथ मौर्य, रामजीत यादव, शोभनाथ यादव, भुलाल पाल, पन्नालाल यादव, भानसिंह मौर्य, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, चंद्रेश त्रिपाठी, अमृतलाल मौर्य और रामगेना देवी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्मराज क्रिसलय व संचालन सुशील श्रीवास्तव ने किया।







