PRATAPGARH NEWS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आध्य पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर आयोजित “संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह” में अंतरराष्ट्रीय लेखक एवं विश्व रिकॉर्ड धारक अर्पित सर्वेश को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अफीम कोठी सभागार, विकास भवन के निकट आयोजित इस भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम में जिले के अनेक प्रतिष्ठित पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति, साहित्यिक चेतना और सामाजिक सरोकारों से पूर्णतः ओतप्रोत दिखाई दिया, जहाँ पत्रकारिता, साहित्य और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चिंतन एवं संवाद हुआ। कम आयु में असाधारण उपलब्धियाँ हासिल करने वाले अर्पित आज भारतीय साहित्य जगत का एक चर्चित और प्रेरणादायक नाम बन चुके हैं। मात्र 23 वर्ष की आयु में 32 पुस्तकों की रचना कर उन्होंने एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने साहित्यिक जगत को आश्चर्यचकित कर दिया है। उनकी कृतियाँ हिंदी सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं और देश-विदेश के पाठकों के बीच व्यापक रूप से सराही जा रही हैं। उनकी लेखनी में समाज, जीवन, मानवीय संवेदनाएँ, राष्ट्रप्रेम, आध्यात्मिकता और युवाओं के संघर्ष जैसे विषयों की गहरी झलक देखने को मिलती है, जिसने उन्हें युवा साहित्यकारों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया है। बहुभाषीय साहित्य सृजन के क्षेत्र में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान मिली है। भारतीय साहित्य को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने तथा अनेक विदेशी भाषाओं में अपनी पुस्तकों के प्रकाशन के लिए अर्पित को विश्व रिकॉर्ड सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी उपलब्धियाँ प्रतापगढ़ जनपद सहित पूरे देश के लिए गौरव का विषय बन चुकी हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि अर्पित की सफलता यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा, समर्पण और निरंतर परिश्रम के बल पर युवा अवस्था में भी विश्व स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। कार्यक्रम का मुख्य विषय “राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता” रहा, जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रतापगढ़ विभाग के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश जी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है, जो समाज को जागरूक करने, सत्य को सामने लाने और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने वर्तमान समय में सकारात्मक, निष्पक्ष और उत्तरदायी पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब पत्रकारिता राष्ट्रहित और सामाजिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ती है, तभी एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव हो पाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ संतोष शुक्ल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अर्पित की साहित्यिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में इतना व्यापक साहित्य सृजन करना अत्यंत प्रेरणादायक और दुर्लभ उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अर्पित जैसे युवा साहित्यकार समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो अपनी लेखनी के माध्यम से सकारात्मक विचारों का प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में अर्पित साहित्य और समाज दोनों क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गौरवान्वित करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं वक्ताओं ने कहा कि अर्पित का सम्मान केवल एक साहित्यकार का सम्मान नहीं, बल्कि युवा शक्ति, रचनात्मक प्रतिभा और सकारात्मक सोच का सम्मान है। यह सम्मान उन युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने अर्पित सर्वेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी लेखनी और विचारों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र को निरंतर नई दिशा देते रहेंगे।







