भगवान भी हो जाते हैं भक्ति के आगे नतमस्तक:आचार्य बृजभूषण
SAHARANPUR NEWS: श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य बृजभूषण शास्त्री ने कहा कि अनेक बार ऐसी स्थिति आती है जब भगवान को भी भक्ति के आगे नत मस्तक होना पड़ता है। माता अनुसूईया पतिव्रता व सतित्व की साक्षात मूर्ति है। एक बार जब ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों भगवानों ने माता अनसूईया की परीक्षा लेने माता के सामने ब्राह्मण वेश में आकर स्तनपान की इच्छा जताई तो माता ने अपनी दिव्य दृष्टि से उन्हें पहचान लिया तथा अपने अस्तित्व की दुहाई देकर तीनों को छह-छह माह का शिशु बना दिया। शिशु के रूप में तीनों भगवानों को अपना स्तनपान करा माता ने उन्हें वहीं पालने में झूला दिया बाद में माता गौरी, महालक्ष्मी व मां सरस्वती ने बड़े प्रयत्न कर माता के यहां से उन्हें मुक्त कराया। कहा कि यदि हम श्रीमद् भागवत कथा, राम कथा, गरुड़ पुराण अथवा कोई अन्य ग्रंथ का श्रवण करें तो पूरे मनोयोग से करें जिससे वास्तविक ज्ञान अर्जित हो सके। कथा के दौरान सभी श्रद्धालु आचार्य द्वारा अमृत में ज्ञान वर्षा का आनंद लेते रहे।







