Home उत्तर प्रदेश दीक्षोत्सव पर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

दीक्षोत्सव पर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

JHANSI NEWS: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित किए जा रहे दीक्षोत्सव के उपलक्ष्य में मेजर ध्यानचंद इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन द्वारा विश्वविद्यालय स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के करीब 160 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के प्रथम दिन 100 मीटर एवं 200 मीटर दौड़ की विभिन्न स्पर्धाओं के हीट्स आयोजित किए गए। खिलाड़ियों ने गति, शक्ति, सहनशक्ति और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। प्रत्येक हीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन सेमीफाइनल राउंड के लिए किया गया। सेमीफाइनल के बाद श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी फाइनल मुकाबले में स्थान बनाएंगे। प्रथम दिवस के मुख्य अतिथि प्रो. डी.के. भट्ट ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेलों से शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतिभाग करने का आह्वान किया। मेजर ध्यानचंद इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव बबेले ने कहा कि दीक्षोत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स को खेलों की आधारशिला माना जाता है और दौड़, कूद तथा थ्रो जैसी स्पर्धाएं खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। डॉ. उपेंद्र सिंह तोमर ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता के दूसरे दिन 100 एवं 200 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल व फाइनल के साथ चक्का फेंक और भाला फेंक की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सभी प्रतिभागियों को प्रातः 9 बजे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के खेल प्रांगण में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतियोगिता के सफल संचालन में मुख्य निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. कन्हैया लाल सोनकर, डॉ. कृष्ण कुमार पांडेय, साक्षी करौसिया, अनामिका गौर, सत्येंद्र साहू, राजा बाबू एवं आरती ने निर्णायक के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस अवसर पर डॉ. स्वप्ना सक्सेना, डॉ. अमित श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञान प्रकाश अरजरिया, डॉ. रूपम सक्सेना, डॉ. विनोद कुमार बौद्ध, डॉ. रोहित तिवारी, डॉ. यज्ञपाल सिंह, प्रीती श्रीवास, मो. अरशद अहमद, अभिमन्यु सिंह, कुण्डेश्वर बाबूजी एवं कुंदन सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।