SIDDHARTHNAGAR NEWS: जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा आयोजित जिला विकास समन्वय निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बुधवार को लोहिया कलाभवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता डुमरियागंज के सांसद, जगदंबिका पाल ने की। इस अवसर पर बांसी के विधायक जय प्रताप सिंह, इटवा के विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, शोहरतगढ़ के विधायक विनय वर्मा, डुमरियागंज की विधायक सैय्यदा खातून, जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। बैठक की शुरुआत में, मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र और पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने सांसद जगदंबिका पाल और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय का स्वागत किया, जबकि मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अन्य विधायकों का सम्मान किया।
बैठक के दौरान, सांसद जगदंबिका पाल ने 7 मार्च 2025 को हुई पिछली बैठक के फैसलों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को भारत सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं पर ध्यान देने और उन्हें लागू करने के निर्देश दिए। सांसद ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी होनी चाहिए। उन्होंने बाणगंगा नदी पर ‘रिवर फ्रंट’ बनाने और पिपरहवा को गौतम बुद्ध नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध की जन्मस्थली होने के कारण पिपरहवा का विकास जरूरी है।
उन्होंने विद्युत विभाग को नए टोलों और मजरों में बिजली पहुंचाने के लिए सर्वे कर प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन जनप्रतिनिधियों द्वारा ही कराया जाए। बैठक के अंत में, जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी विकास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से सिद्धार्थनगर को पिछड़े जिलों की सूची से निकालकर अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों का बैठक में उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीसी मनरेगा संदीप सिंह सहित कई अन्य अधिकारी और निगरानी समिति के सदस्य भी मौजूद थे।







