PRAYAGRAJ NEWS: दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में ग्यारह दिव्यांग जोड़ों को विवाह हेतु लहंगा-चुनरी एवं शेरवानी-साफा का वितरण किया गया। राजकुमार चोपडा ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं और दिव्यांगजनों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पारंपरिक परिधानों को पाकर दिव्यांग जोड़ों के चेहरों पर खुशी, आत्मविश्वास और सम्मान की झलक साफ दिखाई दी। बतादें कि 11 फरवरी को राजर्षि टंडन सेवा केंद्र बैंक रोड प्रयागराज मे 27ध्28 फरवरी को होने वाले दिव्यांगजन स्वाभिमान सम्मान समारोह एवं पुनर्वास और सामूहिक विवाह के पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार लोक सेवक मंडल एवं अनाम स्नेह और अखिल भारतीय महिला शहर शाखा संस्था द्वारा लंहगा चुनरी एवं शेरवानी साफा का वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने दिव्यांग जोड़ों को वस्त्र प्रदान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं और दिव्यांगजनों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन किसी से कम नहीं हैं, आवश्यकता केवल उन्हें सहयोग और अवसर देने की है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष राठी ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद् ब्रह्मप्रकाश तिवारी ने कुशलतापूर्वक किया। सामाजिक एकता परिषद के अध्यक्ष ओमप्रकाश शुक्ल ने कहा कि जहाँ एक ओर समाज को विभाजित करने वाली प्रवृत्तियाँ सक्रिय हैं, वहीं लोकसेवक मंडल एवं अनाम स्नेह संस्थान जैसे संगठन वर्ष भर दिव्यांगजनों के कल्याण और सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर समाज को जोड़ने का अनुकरणीय प्रयास कर रहे हैं। वरिष्ठ पार्षद शिवसेवक सिंह ने दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं उनके सम्मानजनक जीवन के लिए आयोजक श्रीनारायण यादव द्वारा किए जा रहे प्रयासों की खुले मन से सराहना की।कार्यक्रम को राष्ट्रीय कवि एवं शायर जावेद सिद्दकी ने अपनी सशक्त शायरी से भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की। उन्होंने दहेज प्रथा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा दहेज मांगने वाला भिखारी होता है ऐसे शख्स को बेटी का हाथ मत देना।” उनकी पंक्तियों ने उपस्थित जनसमूह को झकझोर कर रख दिया। कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसकी रूपरेखा, उद्देश्य और सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के आयोजक नारायण यादव ने कहा कि समाज को यह समझने की आवश्यकता है कि दिव्यांगजनों के लिए विवाह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनके मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे आयोजन उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम मे डॉ वीना सिंह, बरिष्ठ पार्षद आनंद घिड़ियाल आनू, रचना अग्रवाल, श्रीमती अंजू श्रीवास्तव, संध्या सिंह, साहू दादा,राकेश बनोधा, प्यारेलाल यादव, श्रीमती कांता चोपडा, अनुराधा,सुशील श्रीवास्तव, घनश्याम मास्टर, कॉमरेड मनोज कुमार पाण्डेय, साजिद, चंदन निषाद, अनन्त कुमार चैधरी, दीपचंद,निशा गुप्ता, डॉ सुधा पाण्डेय, सीमा भाभी, सगीर अहमद, प्रिया रावत, साजिद, जिया खान, पदमा वती सौरभ सहित सैकड़ो शहर के तमाम गणमान्य लोग उपस्थिति रहे।







