जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन व पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन ने सुनीं जनसमस्याएं, लापरवाही पर सख्त रुख
SIDHARTHNAGAR NEWS: शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस के क्रम में तहसील बांसी में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर मौके पर निस्तारण के निर्देश दिए गए। तहसील बांसी में आयोजित समाधान दिवस के दौरान राजस्व, विकास, शिक्षा, पूर्ति, नगर निकाय सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, उपजिलाधिकारी बांसी नितिन चक्रवर्ती द्वारा की गई, जबकि पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन व क्षेत्राधिकारी बांसी रोहिणी यादव ने की। जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की आख्या का अवलोकन करते हुए जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि से संबंधित विवादों में स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील समाधान दिवस व आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ता व विपक्षी दोनों की उपस्थिति में जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कानूनगो एवं लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर व भूमि विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी विभाग का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल व कानूनगो को मौके पर जाकर निरीक्षण के उपरांत ही आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान लमुई ताल के हल्का लेखपाल राजाराम पर वरासत के प्रकरण में धन मांगने का आरोप तथा तहसील दिवस में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश दिया गया। समाधान दिवस में कुल 48 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 30, पुलिस विभाग के 5, नगर पालिका के 10, पूर्ति विभाग के 2 तथा बाल विकास विभाग का 1 प्रार्थना पत्र शामिल रहा। राजस्व विभाग के 5 मामलों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया। शेष प्रार्थना पत्रों के संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डीएफओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, तहसीलदार बांसी, क्षेत्र के समस्त थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी, नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, सीडीपीओ सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।







