Home उत्तर प्रदेश टीकाकरण रोग के प्रसार को रोकने का है एक प्रभावी तरीकाःडीएम

टीकाकरण रोग के प्रसार को रोकने का है एक प्रभावी तरीकाःडीएम

एफएमडी टीकाकरण के छठे चरण का जिलाधिकारी ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर किया शुभारंभ

BHADOHI NEWS: राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम अन्तर्गत एफएमडी (खुरपका-मुंहपका रोग) टीकाकरण के छठे चरण का शुभारंभ जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी ने बताया कि एफएमडी का टीका, जिसे खुरपका-मुंहपका रोग का टीका भी कहा जाता है, एक ऐसा टीका है जो पशुओं को एफएमडी नामक बीमारी से बचाने के लिए लगाया जाता है। यह बीमारी जुगाली करने वाले पशुओं, जैसे कि गाय, भैंस, भेड़, और बकरियों को होती है। एफएमडी एक गंभीर, अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है जो पशुधन को प्रभावित करता है। यह रोग बुखार, मुंह और पैरों में छाले, और लंगड़ापन जैसे लक्षण पैदा करता है। एफएमडी टीकाकरण, रोग के प्रसार को रोकने और पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा करने का एक प्रभावी तरीका है। निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, पशुपालन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ के निर्देश के क्रम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अनिल कुमार सचान द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में एफएमडी टीकाकरण के छठे चरण का कार्यक्रम 23 जुलाई से प्रारम्भ होकर 05 सितंबर 2025 तक कुल 45 दिन चलेगा। एफएमडी टीकाकरण छठे चरण के कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु प्रचार-प्रसार, वैक्सीन का रख-रखाव व वितरण, सीरम सैम्पल जीरो डे पशुओं का प्री-वैक्सीनेशन रक्त सैम्पल एकत्र कर अधिकतम एक सप्ताह के भीतर टेस्टिंग हेतु वेटेनरी कालेज मथुरा भेजना, अभिलेखीकरण व सूचना का प्रेषण आदि का अनुपालन करते हुए एफएमडी टीकाकरण के छठे चरण को समयान्तर्गत पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस टीकाकरण के माध्यम से गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में होने वाली खुरपका मुंहपका बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकेगा तथा इससे होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सकेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि समस्त उप मुख्य चिकित्साधिकारी/पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अपने-अपने पशुचिकित्सालय क्षेत्रान्तर्गत इस टीकाकरण कार्यक्रम का पशुपालकों में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए इस पत्र के साथ संलग्न दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कर टीकाकरण कार्यक्रम को समयान्तर्गत शत-प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही सेन्ट्रल स्टोर ज्ञानपुर से अपने-अपने विकास खण्ड को आवंटित एफएमडी वैक्सीन तीन कार्य दिवसों में प्राप्त करने के साथ कोल्ड चेन मेनटेन करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित करना सुनिश्चित करें। प्रत्येक दिवस लगे हुए टीके को उसी दिवस भारत पशुधन ऐप पर अपलोड किया जाय। भारत में, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के तहत एफएमडी टीकाकरण एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एफएमडी टीकाकरण के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है। एफएमडी टीका दो खुराक में दिया जाता है। टीकाकरण के बाद, पशुओं को 14 दिनों के भीतर चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ रहना चाहिए। एफएमडी टीकाकरण दुनिया में पशुधन में सबसे बड़ा अभियान है। सीडीओ बाल गोविंद शुक्ल ने पशु आश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर टीकाकरण व अन्य बिंदुओं का अवलोकन किया।