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जिलाधिकारी ने राजस्व वाद और वसूली की समीक्षा कर लंबित मामलों पर जताई नाराजगी

SIDHARTHNAGAR NEWS: जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वाद एवं वसूली के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव और अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञान प्रकाश भी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने निर्विवाद वरासत और विभिन्न राजस्व वादों के निस्तारण की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्विवाद वरासत का कोई भी प्रकरण लंबित न रहे और उनका निस्तारण समय-सीमा के भीतर कराया जाए। राजस्व निरीक्षक/लेखपाल स्तर पर लंबित मामलों पर नोटिस जारी करने को भी कहा गया। उन्होंने धारा-116 के तीन वर्ष से अधिक के और धारा 34 के तीन वर्ष से अधिक के सभी प्रकरणों को शत-प्रतिशत निस्तारित करने का निर्देश दिया। समस्त उपजिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार/तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार को प्रतिदिन कोर्ट में बैठकर तीन वर्ष से अधिक के सभी वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वादों के निस्तारण की ऑनलाइन फीडिंग और वरासत के प्रकरणों का समय-सीमा के अंदर निस्तारण करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की बात कही। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी धारा का पांच साल और तीन साल से ऊपर का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में अंश निर्धारण में प्रगति लाने, धारा-24, धारा-176, धारा-67, धारा-80 के अंतर्गत प्रकरणों पर कार्यवाही करने, हाट पैठ हेतु भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने और खुर्रा बटवारा के प्रकरणों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ कार्यों की समीक्षा बैठक करने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर उस पर पत्थर लगवाने का निर्देश भी दिया। अंत में, जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने और आईजीआरएस के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने पर जोर दिया। इस अवसर पर समस्त उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।