स्वामी करपात्री जन्मस्थली भटनी की धर्म सभा में बदरिका आश्रम के शंकराचार्य ने गाय को कामधेनु के रूप में पीढ़ी को सौंपने पर दिया जोर
लालगंज में अधिवक्ताओं तथा हनुमत निकेतन धाम में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य पर पुष्पवर्षा कर धर्म का किया जयघोष
PRATAPGARH NEWS: बदरिका आश्रम ज्योतिषपीठ हिमालय के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी शुक्रवार को गविष्ठि यात्रा लेकर कड़े सुरक्षा प्रबन्धों के बीच प्रतापगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का रामपुरखास विधानसभा क्षेत्र की जनपद सीमा जहानाबाद के समीप श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी ने पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख भुवनेश्वर शुक्ल, सुरेन्द्र तिवारी, राकेश सिंह आदि श्रद्धालुओं के साथ शंकराचार्य जी की आगवानी किया। इसके बाद जगदगुरू शंकराचार्य जी धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जन्मस्थली के उमरपुर भटनी के चुर्री चौराहा पर स्वामी करपात्री जी की प्रतिमा पर शंख ध्वनि व आचार्यो के मंत्रोच्चारण के मध्य माल्यार्पण किया। उन्होने करपात्री जी महराज की आरती उतारते हुए वैदिक पूजन के मध्य प्रतिमा को भगवा वस्त्र से आच्छादित भी किया। चौराहे के समीप स्वामी करपात्री जी सेवा संस्थान के तत्वाधान में आयोजित धर्म सभा में जगदगुरू शंकराचार्य जी ने गाय को राष्ट्र माता घोषित किये जाने के सनातन आकांक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि भावी पीढ़ी को वरदान स्वरूप गाय की पूजा के लिए प्रेरणा दी जानी चाहिए। उन्होने कहा कि गाय की पूजा कामधेनु के रूप में जीवन को स्वर्ग का सुख प्रदान किया करती है। उन्होने कहा कि राजा अगर गलत मार्ग पर हो तब संत महात्माओं को धर्म में निहित कर्तव्यो का आगे बढ़कर सत्ता से निडर होकर निर्वहन करना चाहिए। उन्होने कहा कि धर्म की सदैव जीत होती रही है। जगदगुरू शंकराचार्य जी ने सवाल उछाला कि जहां गाय कटे वह कैसा हिन्दू राज्य। उन्होने कहा कि अंग्रेज गाय को काट कर उसके मांस का सेवन किया करते थे। उन्होने कहा कि दुखद यह है कि अंग्रेज चले गये पर हम गाय के मांस को पैक कर विदेश भेजवा रहे हैं। उन्होने कहा कि धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी ने गोरक्षा आंदोलन शुरू किया। उन्होने कहा कि करपात्री जी की प्रेरणा से आज देश भर में वह गविष्ठि यात्रा के जरिए गाय की पूजा और उसकी सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में गोआश्रय केंद्र बदहाल हैं। उन्होने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसते हुए कहा कि गाय की पूजा का वीडियो जारी करने की जगह मुख्यमंत्री को सत्ता में होने के कारण अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए नौ साल पहले ही गाय को राज्य माता घोषित कर देना चाहिए था। उन्होने कहा कि सत्तारूढ़ दल यह बताए कि उसके हिन्दुत्व राग में गाय को बूचड़ खाने में कटने और इसके मांस का पैकेट बाहर भेजवाने की चंदाखोरी क्यों हो रही है। उन्होने कहा कि हम हिन्दू हैं कि लच्छेदारी भाषा की सियासत की बोल से हमें सावधान रहने की जरूरत आ पड़ी है। उन्होने कहा कि उनका किसी राजनैतिक दल से वास्ता नही है। वह सिर्फ यही चाहते हैं कि गाय को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने में सबको आगे आना चाहिए। चुर्री चौराहा पर स्वामी करपात्री जी की प्रतिमा स्थापना कराए जाने को लेकर श्री शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी ने सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रयासों की खुलेमन से सराहना भी की। हालांकि उन्होने इन्दिरा गांधी के कार्यकाल में गो भक्तों पर हुई गोलीबारी को महापाप भी करार दिया। उन्होने कहा कि उस गोलीबारी का दुष्परिणाम कांग्रेस भुगत चुकी है। उन्होने कहा कि इसके बाद धर्म यही कहता है कि गलती की सुधार के लिए सभी को मौका मिलना चाहिए। धर्म सभा में जगदगुरू शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रोच्चारण के मध्य गोरक्षा का सामूहिक संकल्प भी ग्रहण कराया। उन्होने रामपुरखास विधानसभा क्षेत्र में गोरक्षा जागरूकता अभियान के तहत दुर्गेश पाण्डेय को अभियान का प्रतिनिधि भी चयनित किया। इसके पहले श्रीरामचरितमानस राष्ट्रीय ग्रंथ संरक्षा अभियान समिति के राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल एवं सांसद प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी ने धर्म सभा में अपने संबोधन के जरिए शंकराचार्य जी का श्रद्धालुओं की ओर से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन देवेन्द्र पाण्डेय गोपी ने किया। वहीं धर्म सभा को स्वामी शिवेशानंद जी महराज एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी योगीराज ने भी संबोधित कर सनातन धर्म की रक्षा का आहवान किया। स्वामी करपात्री जी के परिवार की ओर से सौरभ ओझा, सुरेन्द्र तिवारी, उमरपुर प्रधान राकेश सिंह, भटनी के पूर्व प्रधान अशोक सिंह, रमेश सिंह, महादेव प्रसाद मिश्र, प्रधानाचार्य उमेश प्रताप सिंह, पप्पू सिंह ने श्री शंकराचार्य का पादुका पूजन किया। स्वामी करपात्री जी सेवा संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा श्री शंकराचार्य जी को धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी का चित्र भी भेंट किया गया। कार्यक्रम के सह संयोजक अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी महेश ने आभार प्रदर्शन किया। इसके बाद श्री शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का रानीगंज कैथौला बाजार में पूर्व प्रमुख ददन सिंह, संयोजक पप्पू तिवारी, रामचंद्र तिवारी, श्याम नारायण तिवारी, अतुल शुक्ल आदि की अगुवाई में पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। यहां बालिका गुनगुन तिवारी व आशी तिवारी तथा अदिति तिवारी ने शंकराचार्य जी की आरती उतारी। लालगंज तहसील गेट पर अधिवक्ताओं का भी शंकराचार्य जी के स्वागत में हुजूम उमड़ा दिखा। संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचंद्र तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता आचार्य ओमप्रकाश मिश्र, देवी प्रसाद मिश्र, विकास मिश्र, अजय शुक्ल गुडडू व संघ के महामंत्री शिवरंजन यादव, उपाध्यक्ष अबरार अहमद, संतोष पाण्डेय, सिंटू मिश्र, जयकरन सिंह, रंजीत साहू, गीता सिंह, दीपेन्द्र तिवारी आदि की अगुवाई में शंकराचार्य जी को गोमाता का चित्र भेंट किया गया। लालगंज के हनुमत निकेतन धाम में श्री शंकराचार्य जी ने सबसे पहले भगवान बजरंग बली का पूजन अर्चन किया। यहां व्यवस्थापक ब्रजघोष ओझा, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, इं. सुनील पाण्डेय, विजय कौशल, मोनू पाण्डेय, आदि के साथ श्रद्धालुओं ने जगदगुरू शंकराचार्य जी का अभिनन्दन किया। जगदगुरू शंकराचार्य जी के रामपुरखास में भटनी दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के प्रबन्ध भी कड़े दिखे। लालगंज कोतवाल आलोक कुमार भारी फोर्स के साथ कोतवाली सीमा की शुरूआत से लेकर लीलापुर थाने की सीमा तक डटे दिखे। उमरपुर भटनी में हुई धर्म सभा में भी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था खासी चौकस देखी गयी। वहीं विधानसभा क्षेत्र में श्री शंकराचार्य जी के रखे गये चार कार्यक्रमों को लेकर सांसद प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी व संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल को भी समर्थकों के साथ मुस्तैद देखा गया।







